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Rooftop Solar Subsidy 📅 February 14, 2026

300 Units Free Electricity Scheme 2026: UPPCL Net Meter Process

Free Electricity Scheme: 300 यूनिट मुफ्त बिजली पाने के लिए मीटर में क्या बदलाव करना होगा? (2026)
Free Electricity Scheme 300 Units PM Surya Ghar Net Meter UPPCL India 2026

Free Electricity Scheme: 300 यूनिट मुफ्त बिजली पाने के लिए मीटर में क्या बदलाव करना होगा? (2026)

"300 यूनिट मुफ्त बिजली!" यह एक ऐसा नारा है जो आजकल भारत के हर अख़बार, टीवी चैनल और सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इस खबर को सुनकर यूपी (UP) और देश के कई अन्य राज्यों के लोग बहुत खुश हैं। बहुत से लोग यह सोचकर बिजली घर (SDO ऑफिस) के चक्कर काट रहे हैं कि उन्हें कोई 'फॉर्म' भरना है, जिसके बाद उनके पुराने मीटर से आने वाला बिजली का बिल अपने आप 'ज़ीरो' (Zero) हो जाएगा।

लेकिन सावधान! यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी (Misconception) है। केंद्र सरकार की इस "मुफ्त बिजली योजना" का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सरकार आपके घर का बिजली का बिल अपनी जेब से भरेगी। वास्तव में, यह योजना 'PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana' (पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना) है। 300 यूनिट फ्री पाने के लिए आपको अपनी छत पर सोलर पैनल (Solar Panels) लगवाने होंगे, और सबसे ज़रूरी बात—आपको अपना पुराना बिजली का मीटर उखाड़कर एक बिल्कुल नई तकनीक का मीटर लगवाना होगा!

आपकी पसंदीदा वेबसाइट `bijlibabu.in` के इस डीप-टेक गाइड में, हम 'फ्री बिजली' का असली गणित डिकोड करेंगे। हम आपको बताएंगे कि आपके पुराने मीटर में क्या कमी है, 'Net Meter' (नेट मीटर) क्या होता है, और 2026 में UPPCL में इस नए मीटर को लगवाने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया (Online Process) और असली खर्च क्या है!

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1. 300 यूनिट मुफ्त बिजली का असली सच क्या है?

कई राज्यों (जैसे दिल्ली या पंजाब) में राज्य सरकारें सीधे 200 या 300 यूनिट का बिल माफ़ कर देती हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश (UPPCL) में ऐसा कोई सीधा 'बिल माफ़ी' सिस्टम नहीं है।

यहाँ "300 यूनिट फ्री" का मतलब 'PM Surya Ghar Yojana' से है। जब आप अपनी छत पर 2 kW या 3 kW का सोलर प्लांट लगवाते हैं, तो वह प्लांट हर महीने लगभग 250 से 360 यूनिट (Units) बिजली बनाता है। चूँकि यह बिजली आपके अपने सोलर पैनल ने बनाई है, इसलिए यह आपके लिए बिल्कुल 'फ्री' (Free) होती है। इसी को "300 यूनिट मुफ्त बिजली" कहा जा रहा है। सरकार इस सोलर को लगवाने के लिए आपको ₹78,000 की नकद सब्सिडी (Subsidy) भी देती है।

2. पुराना मीटर क्यों हटाना पड़ेगा? (Uni-directional vs Bi-directional)

जब आप छत पर सोलर लगाते हैं, तो दिन के समय जब तेज़ धूप होती है, सोलर पैनल बहुत ज्यादा बिजली बनाता है (उदाहरण: 15 यूनिट)। लेकिन दिन में घर में सब लोग ऑफिस/स्कूल होते हैं और सिर्फ 5 यूनिट बिजली खर्च होती है। बाकी की 10 यूनिट 'एक्स्ट्रा' (Extra) बच जाती है।

पुराने मीटर का खतरा (The Trap):
आपके घर में लगा पुराना स्मार्ट मीटर या नार्मल मीटर 'Uni-directional' (एक दिशा वाला) होता है। इसका मतलब है कि बिजली चाहे अंदर आए (UPPCL से) या बाहर जाए (सोलर से ग्रिड में), यह मीटर हमेशा उसे 'खर्च की गई बिजली' (Consumption) मानकर जोड़ता रहता है।

अगर आप बिना मीटर बदले सोलर को ग्रिड (Grid) से जोड़ देंगे, तो जो एक्स्ट्रा बिजली आप UPPCL को फ्री में दे रहे हैं, पुराना मीटर उसका भी 'बिल' बनाकर आपको भेज देगा! आपका बिल कम होने की बजाय दोगुना (Double) हो जाएगा।
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3. 'नेट मीटर' (Net Meter) क्या है और यह बिल 'ज़ीरो' कैसे करता है?

फ्री बिजली योजना का लाभ उठाने के लिए आपके घर में 'Bi-directional Net Meter' (दो दिशा वाला नेट मीटर) लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandatory) है।

यह एक बेहद स्मार्ट 4G मीटर होता है जो 3 चीज़ों का हिसाब रखता है:

रीडिंग का नामयह क्या काम करता है? (Function)
1. Import (इम्पोर्ट)रात के समय जब सोलर बंद होता है, तब आपने UPPCL से कितनी बिजली ली (ली गई यूनिट)
2. Export (एक्सपोर्ट)दिन के समय आपके सोलर ने कितनी 'एक्स्ट्रा' बिजली UPPCL के तारों में वापस भेजी (दी गई यूनिट)
3. Net (नेट)यह सबसे ज़रूरी है! Net = Import - Export। (यानी ली गई बिजली में से दी गई बिजली को घटाना)।

उदाहरण: अगर आपने रात में UPPCL से 300 यूनिट (Import) ली, और दिन में सोलर से 320 यूनिट (Export) वापस ग्रिड में भेज दी। तो आपका 'Net' बिल 0 यूनिट का आएगा, और बची हुई 20 यूनिट आपके अगले महीने के बिल में एडवांस (Credit) जमा हो जाएगी!

4. UPPCL में नेट मीटर लगवाने का खर्च और ऑनलाइन प्रोसेस

2026 में नेट मीटर लगवाने के लिए आपको SDO ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं है। आपका सोलर वेंडर (Vendor) या आप खुद इसे 'National Portal for Rooftop Solar' के ज़रिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं:

  1. फिजिबिलिटी अप्रूवल (Feasibility Approval): पोर्टल पर अप्लाई करने के बाद, UPPCL चेक करेगा कि क्या आपके इलाके के ट्रांसफार्मर पर 'सोलर' जोड़ने की जगह (Capacity) है।
  2. सोलर इंस्टॉलेशन: अप्रूवल मिलने के बाद आपका वेंडर आपकी छत पर सोलर पैनल लगा देगा।
  3. नेट मीटर की फीस: इसके बाद आपको UPPCL पोर्टल पर 'Net Metering' की फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। यूपी में नेट मीटर और टेस्टिंग की फीस लगभग ₹3,500 से ₹6,000 के बीच होती है। (अगर वेंडर अपना मीटर दे रहा है, तो सिर्फ टेस्टिंग फीस लगभग ₹500 से ₹1500 लगती है)।
  4. मीटर इंस्टॉलेशन: फीस जमा होने के 7 से 15 दिनों के अंदर UPPCL का JE आकर आपका पुराना मीटर उखाड़ लेगा और वहां नया 'Bi-directional Net Meter' लगा देगा। इसी दिन से आपकी 'फ्री बिजली' चालू हो जाएगी!
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5. सावधान: सोलर के साथ स्मार्ट मीटर में kVAh बिलिंग का 'ट्रैप'!

यह `bijlibabu.in` का सबसे एक्सक्लूसिव फैक्ट (Fact) है जो आपको 99% सोलर वेंडर नहीं बताएंगे!

kVAh बिलिंग और पावर फैक्टर (Power Factor):
यूपी में अब बिल 'kWh' की बजाय 'kVAh' पर बनता है। जब आपके घर में ऑन-ग्रिड (On-Grid) सोलर लगता है और वह बिजली ग्रिड में भेजता है, तो घर का 'Power Factor' (PF) बहुत तेजी से नीचे गिर सकता है (ख़ासकर अगर घर में पुराने पंखे या नॉन-इन्वर्टर AC हों)।

PF गिरने से आपकी Import (ली गई) kVAh रीडिंग बहुत तेज़ भागने लगेगी। इससे बचने के लिए अपने सोलर इन्वर्टर (Solar Inverter) के साथ हमेशा एक अच्छी क्वालिटी का APFC Panel (कैपेसिटर) ज़रूर लगवाएं, ताकि आपका बिल सच में 'ज़ीरो' आ सके!

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या मुझे नया 'नेट मीटर' खुद बाज़ार से खरीदना होगा या बिजली विभाग देगा?
2026 में, UPPCL दोनों विकल्प (Options) देता है। आप चाहें तो UPPCL को पैसे देकर उनसे ही स्मार्ट नेट मीटर ले सकते हैं। या फिर आप अपने सोलर वेंडर (Vendor) से L&T या Genus कंपनी का 'BIS Certified' नेट मीटर खरीदकर विभाग के लैब (Lab) में टेस्ट कराकर लगवा सकते हैं।

Q2. मेरे घर का 'स्वीकृत लोड' (Sanctioned Load) 2 kW है। क्या मैं 3 kW का सोलर लगवाकर फ्री बिजली ले सकता हूँ?
नहीं! नेट मीटरिंग का सख्त कानूनी नियम है कि "आप अपने स्वीकृत लोड से ज्यादा का सोलर नहीं लगा सकते।" अगर आपको 3 kW का सोलर चाहिए, तो पहले आपको ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर 'लोड एक्सटेंशन' (Load Extension) के ज़रिए अपना मीटर का लोड 3 kW करवाना होगा।

Q3. अगर मैं महीने में 300 यूनिट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल कर लूँ तो क्या होगा?
मान लीजिए आपका सोलर 300 यूनिट (Export) बनाता है, लेकिन आपने गर्मियों में 400 यूनिट (Import) खर्च कर ली। तो Net = 400 - 300 = 100 यूनिट। आपको सिर्फ बची हुई 100 यूनिट का ही बिल (लगभग ₹700) UPPCL को देना होगा। बाकी 300 यूनिट पूरी तरह फ्री रहेगी!

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