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Energy Stocks & Investment 📅 February 13, 2026

Best Power Sector Mutual Funds India 2026: SIP & Return Guide

Power Sector Mutual Funds: एनर्जी सेक्टर में निवेश करने वाले 5 बेस्ट फंड्स (2026 Guide)
Best Power Sector Mutual Funds Investment India 2026

Power Sector Mutual Funds: एनर्जी सेक्टर में निवेश करने वाले 5 बेस्ट फंड्स (2026 Guide)

क्या आप भी शेयर बाज़ार (Stock Market) में मल्टीबैगर रिटर्न की तलाश कर रहे हैं? भारत इस समय एक ऊर्जा क्रांति (Energy Revolution) के दौर से गुज़र रहा है। स्मार्ट मीटर (Smart Meters), ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen), इलेक्ट्रिक वाहन (EVs), और सोलर एनर्जी में सरकार लाखों करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।

जब पूरा देश बिजली के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को बदल रहा है, तो इस सेक्टर की कंपनियों का मुनाफा आसमान छू रहा है। लेकिन हर कोई शेयर बाज़ार का एक्सपर्ट नहीं होता जो यह तय कर सके कि किस कंपनी का शेयर खरीदा जाए। यहीं पर Power & Energy Sector Mutual Funds (सेक्टोरल फंड्स) काम आते हैं।

इस मेगा-गाइड में, हम 2026 के टॉप म्यूचुअल फंड्स का विश्लेषण करेंगे जो पावर सेक्टर में निवेश करते हैं, उनके टॉप होल्डिंग्स (Top Holdings) क्या हैं, और आपको इसमें SIP क्यों करनी चाहिए।

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1. पावर सेक्टर में निवेश का सही समय क्यों है? (The Energy Boom)

सेक्टोरल म्यूचुअल फंड्स (Sectoral Funds) वो फंड्स होते हैं जो अपना सारा पैसा सिर्फ एक ही इंडस्ट्री में लगाते हैं। पावर सेक्टर इस समय बाज़ार का "हॉट फेवरेट" बना हुआ है। इसके 3 मुख्य कारण हैं:

  • RDSS Scheme & Smart Grids: सरकार वितरण (Distribution) कंपनियों का घाटा कम करने के लिए 3 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
  • Green Hydrogen (हरित हाइड्रोजन): 2026 में भारत ग्रीन हाइड्रोजन का हब बन रहा है, जिसमें रिलायंस और L&T जैसी कंपनियाँ लीड कर रही हैं।
  • Power Financing: पावर प्रोजेक्ट्स को लोन देने वाली कंपनियाँ अपने जीवन के सबसे सुनहरे दौर में हैं, क्योंकि एनपीए (NPA) न्यूनतम स्तर पर आ गए हैं।

2. इन फंड्स का पैसा किन कंपनियों (Stocks) में जाता है? (Top Holdings)

जब आप एक पावर सेक्टर म्यूचुअल फंड खरीदते हैं, तो फंड मैनेजर (Fund Manager) आपके पैसे को उन कंपनियों के शेयर्स में निवेश करता है जो इस सेक्टर की दिग्गज (Market Leaders) हैं।

आमतौर पर इन फंड्स का पैसा निम्नलिखित चुनिंदा कंपनियों में लगाया जाता है (जो वर्तमान में ज़बरदस्त परफॉर्म कर रही हैं):

प्रमुख स्टॉक्स (Key Stocks in the Portfolio):

  • Power Finance Corporation (PFC) & REC Ltd: ये सरकारी कंपनियाँ हैं जो पावर प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस (लोन) करती हैं। इनके पास डिविडेंड और ग्रोथ दोनों का तगड़ा रिकॉर्ड है।
  • Larsen & Toubro (L&T): स्मार्ट ग्रिड और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बनाने में सबसे आगे।
  • Reliance Industries: सोलर गीगाफैक्ट्री और ग्रीन हाइड्रोजन में भारी निवेश के कारण एनर्जी फंड्स की पहली पसंद।
  • Bharat Electronics (BEL): स्मार्ट मीटरिंग और डिफेन्स इलेक्ट्रॉनिक्स में तेज़ी से बढ़ती कंपनी।
  • NTPC & Tata Power: बिजली उत्पादन (Generation) और रिन्यूएबल एनर्जी में मार्केट लीडर्स।
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3. 2026 के टॉप 5 पावर और एनर्जी म्यूचुअल फंड्स (Top 5 Mutual Funds)

नीचे दिए गए फंड्स ने पिछले 3 से 5 सालों में निफ्टी 50 (Nifty 50) को शानदार तरीके से बीट (Outperform) किया है:

म्यूचुअल फंड का नाम (Fund Name)AUM (करोड़ में)3 साल का रिटर्न (CAGR)फोकस एरिया (Focus Area)
Nippon India Power & Infra Fund₹6,500 Cr+35.4%पावर जनरेशन और हैवी इंफ्रास्ट्रक्चर (L&T, NTPC)
Tata Resources & Energy Fund₹4,200 Cr+31.2%रिन्यूएबल एनर्जी और रिसोर्सेज (Reliance, Tata Power)
SBI Energy Opportunities Fund₹8,000 Cr+(New Fund)*ग्रीन एनर्जी और पावर फाइनेंस (PFC, REC)
DSP Natural Resources & New Energy Fund₹1,500 Cr+28.5%न्यू एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन इन्नोवेटर्स
ICICI Prudential Infrastructure Fund₹4,800 Cr+33.8%ब्रॉड इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट ग्रिड (BEL, ABB)

(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार के जोखिमों के अधीन हैं। यह टेबल रिसर्च के उद्देश्य से है, इसे निवेश की सीधी सलाह न मानें।)

4. निवेश की रणनीति: SIP या एकमुश्त (Lumpsum)?

सेक्टोरल फंड्स (Sectoral Funds) सामान्य फ्लेक्सी कैप (Flexi Cap) फंड्स से अलग होते हैं। ये 'चक्र' (Cycle) में चलते हैं।

  • SIP (Systematic Investment Plan) सबसे बेस्ट है: पावर सेक्टर के शेयर (Stocks) बहुत तेजी से ऊपर-नीचे होते हैं (High Volatility)। जब आप हर महीने ₹5000 की SIP करते हैं, तो बाज़ार गिरने पर आपको ज्यादा यूनिट्स (NAV) मिलते हैं। इसे 'Rupee Cost Averaging' कहते हैं।
  • एकमुश्त (Lumpsum) कब करें? जब बाज़ार (Nifty) में 10% से 15% का बड़ा करेक्शन (गिरावट) आए, तभी एकमुश्त पैसा लगाना समझदारी है। ऊंचे बाज़ार में एकमुश्त पैसा डालने से बचें।
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5. सेक्टोरल फंड्स के रिस्क और नया टैक्स नियम (Risk & Taxation)

पावर सेक्टर में पैसा लगाने से पहले इसके नुकसान (Risks) को भी समझना ज़रूरी है:

The Core Risk: यह एक 'Cyclical' सेक्टर है। जब तक सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस है (जैसे 2026 में है), ये फंड्स 40% तक रिटर्न देंगे। लेकिन अगर सरकारी नीतियां बदलती हैं, तो यह सेक्टर कई सालों तक नेगेटिव रिटर्न भी दे सकता है। इसलिए अपने कुल पोर्टफोलियो का केवल 10% से 15% हिस्सा ही सेक्टोरल फंड्स में लगाएं।

नया टैक्सेशन (Tax Rules in 2026):

  • LTCG (Long Term Capital Gains): अगर आप 1 साल से ज्यादा समय तक पैसा रखते हैं, तो ₹1.25 लाख तक का मुनाफा टैक्स-फ्री है। उसके ऊपर के मुनाफे पर 12.5% टैक्स लगता है।
  • STCG (Short Term Capital Gains): अगर आप 1 साल से पहले पैसा निकालते हैं, तो पूरे मुनाफे पर 20% टैक्स देना होगा।

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या पावर सेक्टर फंड्स लॉन्ग-टर्म (10 साल) के लिए अच्छे हैं?
हाँ, क्योंकि भारत का 'Net Zero Carbon' लक्ष्य 2070 का है। इसका मतलब है कि अगले 2-3 दशकों तक रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन पावर में खरबों डॉलर का निवेश होता रहेगा।

Q2. मैं इन फंड्स में कम से कम कितने रुपये से निवेश शुरू कर सकता हूँ?
आप Groww, Zerodha (Coin), या Upstox जैसे ऐप्स के माध्यम से मात्र ₹500 या ₹1000 प्रति माह की SIP से शुरुआत कर सकते हैं।

Q3. मुझे निफ्टी 50 (Nifty 50) छोड़कर सेक्टोरल फंड क्यों लेना चाहिए?
निफ्टी 50 एक सुरक्षित इंडेक्स है जो सालाना 12-15% रिटर्न देता है। सेक्टोरल फंड्स उन निवेशकों के लिए हैं जो थोड़ा ज्यादा रिस्क लेकर 25-30% का 'अल्फा' (Alpha/Extra Return) जनरेट करना चाहते हैं।

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