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Rooftop Solar Subsidy 📅 February 14, 2026

CFA vs State Solar Subsidy India 2026: PM Surya Ghar Guide

CFA (Central Financial Assistance): केंद्र और राज्य सरकार की सोलर सब्सिडी में क्या अंतर है? (2026 Guide)
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CFA (Central Financial Assistance): केंद्र और राज्य सरकार की सोलर सब्सिडी में क्या अंतर है? (2026 Guide)

क्या आप भी अपने घर की छत पर 'PM Surya Ghar Yojana' के तहत सोलर पैनल लगाने की सोच रहे हैं? जब आप इंटरनेट पर खोजते हैं या किसी सोलर वेंडर (Vendor) से बात करते हैं, तो वह आपको दो तरह की सब्सिडी बताता है: "सर, आपको 78,000 रुपये केंद्र से मिलेंगे और 30,000 रुपये राज्य सरकार से।" यहीं पर सबसे बड़ा कन्फ्यूज़न (Confusion) पैदा होता है।

कई लोग सोचते हैं कि "PM Surya Ghar" तो मोदी सरकार की योजना है, तो फिर इसमें 'राज्य सरकार' (जैसे उत्तर प्रदेश सरकार या UPNEDA) कहाँ से आ गई? क्या ये दोनों पैसे अलग-अलग बैंक खातों में आएंगे? और सबसे बड़ा सवाल: CFA का असली मतलब क्या है?

इस 'मेगा-गाइड' में, हम इसी तकनीकी और वित्तीय (Financial) पहेली को सुलझाएंगे। हम आपको बताएंगे कि 2026 में 3kW का सोलर प्लांट लगाने पर आपको कुल 1,08,000 रुपये की छूट कैसे मिलती है, और ये दोनों पैसे आपके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए कब और कैसे आते हैं।

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1. CFA (Central Financial Assistance) क्या है?

CFA का फुल फॉर्म 'Central Financial Assistance' (केंद्रीय वित्तीय सहायता) है। आसान भाषा में, यह वह पैसा है जो भारत सरकार (Central Government / MNRE) सीधे दिल्ली से आपके बैंक खाते में भेजती है।

  • यह पूरे भारत में एक समान है: चाहे आप उत्तर प्रदेश में रहते हों, महाराष्ट्र में, या केरल में, 3 kW के सोलर प्लांट पर CFA की राशि पूरे देश में ₹78,000 फिक्स (Fixed) है।
  • फंडिंग: यह पैसा देश की बड़ी-बड़ी सरकारी कंपनियों (जैसे PFC, REC Ltd) और नेशनल ग्रिड के बजट से आता है।
  • पोर्टल: यह सब्सिडी आपको सिर्फ तभी मिलती है जब आप भारत सरकार के आधिकारिक नेशनल पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in) पर आवेदन करते हैं।

2. State Subsidy (राज्य सरकार की छूट) क्या है?

केंद्र सरकार (CFA) के ₹78,000 देने के बाद भी एक 3kW के सोलर प्लांट (जिसकी कीमत लगभग ₹1,60,000 होती है) को लगवाना कई आम परिवारों के लिए महँगा था।

इसलिए, राज्य सरकारों (State Governments) ने अपनी तरफ से 'टॉप-अप' (Top-up) देने का फैसला किया। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार (UPNEDA) ने घोषणा की कि जो भी नागरिक अपने घर पर सोलर लगाएगा, राज्य सरकार उसे CFA के अलावा अतिरिक्त ₹30,000 अपनी जेब (State Budget) से देगी।

महत्वपूर्ण बात: राज्य की सब्सिडी (State Subsidy) हर राज्य में अलग-अलग होती है। उत्तर प्रदेश ₹30,000 दे रहा है, लेकिन हो सकता है पंजाब या राजस्थान सरकार कुछ भी न दे रही हो, या सिर्फ ₹15,000 दे रही हो। इसलिए यह आपके राज्य की नीतियों (Local Policies) पर निर्भर करता है।
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3. सीधा मुक़ाबला: CFA vs State Subsidy (अंतर)

आइए इन दोनों के तकनीकी और व्यावहारिक अंतर को एक टेबल से समझते हैं:

फीचर (Feature)CFA (केंद्र सरकार)State Subsidy (राज्य सरकार - जैसे UP)
कौन देता है?MNRE (भारत सरकार)राज्य की नोडल एजेंसी (जैसे UPNEDA)
राशि (Amount for 3kW)₹ 78,000 (पूरे भारत में फिक्स)₹ 30,000 (हर राज्य में अलग-अलग)
आवेदन कहाँ करें?National Portal (pmsuryaghar.gov.in)अलग से कोई फॉर्म नहीं (नेशनल पोर्टल से ही आटोमेटिक लिंक है)।
पैसा कब आता है?UPPCL से 'नेट मीटर' (Net Meter) लगने के 30 दिन के भीतर।CFA आने के कुछ दिनों या हफ्तों बाद (राज्य के बजट पर निर्भर)।

4. 3kW प्लांट पर कुल 1,08,000 की सब्सिडी का गणित

मान लीजिए आप उत्तर प्रदेश (UP) में एक अच्छी क्वालिटी (Mono PERC DCR Panels) का 3kW का ऑन-ग्रिड (On-Grid) सोलर प्लांट लगवाते हैं। वेंडर (Vendor) आपको ₹1,60,000 का बिल देता है।

आपकी जेब से कितना जाएगा? (The Net Cost)

कुल खर्च (Total Installation Cost) = ₹ 1,60,000
केंद्र की सब्सिडी (CFA Transfer) = - ₹ 78,000
यूपी सरकार की सब्सिडी (State Top-up) = - ₹ 30,000
कुल मिली सब्सिडी (Total Benefit) = ₹ 1,08,000

आपकी असली लागत (Net Effective Cost): ₹ 52,000 मात्र!
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5. दोनों पैसे बैंक खाते (DBT) में कैसे आते हैं? (The Process)

सबसे अच्छी बात यह है कि 2026 में, आपको राज्य सब्सिडी के लिए कोई अलग दफ्तर या UPNEDA ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

  1. आप नेशनल पोर्टल पर अप्लाई करते हैं। वेंडर प्लांट लगाता है।
  2. UPPCL (बिजली विभाग) का अधिकारी आपके घर आकर इंस्पेक्शन (Inspection) करता है और 'Net Meter' लगाता है।
  3. इंस्पेक्शन रिपोर्ट पोर्टल पर ओके होने के बाद, आप अपनी बैंक पासबुक/कैंसिल चेक पोर्टल पर अपलोड करते हैं।
  4. पहला ट्रांज़ैक्शन (CFA): 30 दिनों के भीतर भारत सरकार (MNRE) आपके आधार-लिंक्ड (Aadhaar NPCI) खाते में ₹78,000 भेज देती है।
  5. दूसरा ट्रांज़ैक्शन (State Subsidy): पोर्टल का सिस्टम ऑटोमैटिक रूप से आपका डेटा राज्य सरकार (UPNEDA) को भेज देता है। इसके कुछ दिनों बाद, राज्य सरकार बचे हुए ₹30,000 उसी बैंक खाते में भेज देती है।

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. अगर मैं 5 kW का प्लांट लगाऊँ, तो क्या मुझे CFA और राज्य सब्सिडी ज्यादा मिलेगी?
नहीं। आवासीय (Residential) घरों के लिए केंद्र सरकार की सब्सिडी (CFA) अधिकतम ₹78,000 (3 kW तक) पर फिक्स (Cap) कर दी गई है। यूपी सरकार की सब्सिडी भी अधिकतम ₹30,000 (3 kW तक) ही है। 3 kW के ऊपर आप कितना भी बड़ा प्लांट लगाएं, आपको कुल 1,08,000 रुपये ही मिलेंगे।

Q2. क्या मुझे वेंडर (Vendor) को पूरे ₹1,60,000 एक साथ देने होंगे?
हाँ। शुरुआत में आपको वेंडर को पूरी पेमेंट करनी होती है। 'सब्सिडी' बाद में आपके बैंक खाते में रिफंड (Refund) के रूप में आती है। अगर आपके पास इतने पैसे नहीं हैं, तो पोर्टल पर ही 'लोन' (Loan/EMI) का विकल्प मौजूद है।

Q3. मेरी CFA (₹78,000) आ गई है, लेकिन राज्य की सब्सिडी (₹30,000) अभी तक नहीं आई है। क्या करूँ?
राज्य की सब्सिडी सीधे 'State Treasury' (राज्य के खजाने) से आती है, इसलिए इसमें कभी-कभी 1 से 2 महीने का अतिरिक्त समय (Delay) लग सकता है। अगर बहुत देरी हो, तो आप 'CM Helpline (1076)' या 'जनसुनवाई पोर्टल' पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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