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Rooftop Solar Subsidy 📅 February 14, 2026

Group Housing Solar Subsidy 2026: Get 18 Lakhs for RWA

Group Housing Solar Subsidy: सोसाइटी और अपार्टमेंट में सोलर लगाने पर कितना लाभ? (2026 RWA Guide)
Group Housing Solar Subsidy RWA PM Surya Ghar Yojana India 2026

Group Housing Solar Subsidy: सोसाइटी और अपार्टमेंट में सोलर लगाने पर कितना लाभ? (2026 RWA Guide)

क्या आप किसी अपार्टमेंट या हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं और हर महीने 3,000 से 5,000 रुपये सिर्फ CAM (Common Area Maintenance) चार्ज के रूप में भर रहे हैं? जब आप एक मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में रहते हैं, तो पानी की भारी-भरकम मोटरें (Pumps), 24 घंटे चलने वाली लिफ्ट (Elevators), बेसमेंट की लाइटें और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन बहुत ज्यादा बिजली खींचते हैं। इस 'कॉमन एरिया' के बिजली बिल का बोझ सोसाइटी (RWA) के हर फ्लैट मालिक की जेब पर पड़ता है।

लेकिन 2026 में, भारत सरकार की 'PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana' ने इस समस्या का एक परमानेंट समाधान निकाल दिया है। अब सिर्फ व्यक्तिगत घर ही नहीं, बल्कि Group Housing Societies (GHS) और Resident Welfare Associations (RWA) भी अपनी सोसाइटी की छतों पर बड़ा सोलर प्लांट लगाकर भारी सब्सिडी (Subsidy) का लाभ उठा सकती हैं।

इस डीप-टेक कमर्शियल गाइड में, हम समझेंगे कि RWA को कितनी सब्सिडी मिलती है, UPPCL के नेट मीटरिंग नियम क्या हैं, और सोसाइटी की छत पर 100 kW का प्लांट लगाकर आप हर महीने लाखों रुपये कैसे बचा सकते हैं।

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1. RWA/Group Housing के लिए 'PM Surya Ghar' के नियम

जब एक आम आदमी अपने घर पर सोलर लगाता है, तो उसे अधिकतम 3 kW तक की सब्सिडी मिलती है (लगभग ₹78,000)। लेकिन एक पूरी सोसाइटी का लोड 3 kW से कहीं ज्यादा होता है। इसलिए सरकार ने GHS/RWA (Group Housing Society) के लिए एक अलग श्रेणी बनाई है:

  • क्षमता (Capacity): एक RWA अपनी कॉमन सुविधाओं के लिए अधिकतम 500 kW (किलोवाट) तक का सोलर प्लांट लगा सकती है, जिस पर उसे सब्सिडी मिलेगी।
  • उद्देश्य (Usage): इस प्लांट से बनने वाली बिजली का इस्तेमाल केवल 'कॉमन सुविधाओं' (जैसे लिफ्ट, पानी की मोटर, सीढ़ियों की लाइटें, जिम, स्विमिंग पूल) के लिए होना चाहिए। यह बिजली किसी व्यक्तिगत फ्लैट के अंदर नहीं दी जा सकती।
  • प्रति घर लिमिट: सब्सिडी की गणना प्रति घर 3 kW की लिमिट के आधार पर की जाती है। यानी अगर सोसाइटी में 50 फ्लैट हैं, तो 50 x 3 = 150 kW तक के प्लांट पर सब्सिडी क्लेम की जा सकती है (अधिकतम 500 kW तक)।

2. कितनी सब्सिडी मिलेगी? (18 लाख रुपये का गणित)

सोसाइटी के लिए सब्सिडी का स्लैब (Slab) आम घरों से अलग होता है। 2026 के ताज़ा नियमों के अनुसार:

सब्सिडी का रेट: RWA / GHS को ₹18,000 प्रति किलोवाट (Per kW) की सीधी सब्सिडी मिलती है।

उदाहरण: मान लीजिए आपकी सोसाइटी का कुल कॉमन लोड 100 kW है और आप 100 kW का सोलर प्लांट लगाते हैं。
👉 कुल सब्सिडी = 100 kW × ₹18,000
👉 आपके RWA बैंक खाते में आने वाली कुल सब्सिडी = ₹18,00,000 (18 लाख रुपये!)
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3. EV चार्जिंग स्टेशन और कॉमन एरिया का लोड

2026 में लगभग हर तीसरी कार इलेक्ट्रिक (EV) है। बेसमेंट में EV चार्जिंग स्टेशन लगाने से सोसाइटी का बिजली बिल रॉकेट की तरह भागता है।

UPPCL (और अन्य राज्य डिस्कॉम) के 'नेट मीटरिंग' (Net Metering) नियमों के तहत, दिन में जब सोलर पैनल बिजली बनाते हैं, तो वह सीधा आपकी लिफ्ट और पानी की मोटरों को चलाती है। जो एक्स्ट्रा बिजली बचती है (दोपहर के समय), वह स्मार्ट मीटर के जरिए ग्रिड (UPPCL) में चली जाती है। रात के समय, जब सोसाइटी के लोग अपनी EV चार्ज करते हैं या लिफ्ट का इस्तेमाल ज्यादा होता है, तब वही "क्रेडिट" की गई बिजली ग्रिड से वापस ले ली जाती है। इससे आपका कॉमन एरिया का बिजली बिल जीरो (Zero) हो जाता है!

4. इकोसिस्टम: Tata Power और PFC का रोल

चूँकि 100 kW या 500 kW का सोलर प्लांट लगाना कोई छोटा काम नहीं है (इसमें 50 लाख से 2.5 करोड़ तक का खर्च आता है), इसलिए RWA को Tier-1 EPC (Engineering, Procurement, and Construction) कंपनियों की ज़रूरत होती है।

अगर आप स्टॉक मार्केट ट्रैक करते हैं, तो आपने Tata Power Renewables और L&T (Larsen & Toubro) के कमर्शियल सोलर प्रोजेक्ट्स देखे होंगे। ये कंपनियाँ सोसाइटी के लिए पूरा प्रोजेक्ट डिज़ाइन करती हैं। वहीं दूसरी तरफ, PFC (Power Finance Corporation) और SBI जैसी संस्थाएं RWA को बिना किसी 'कोलैटरल' (Collateral) के बहुत सस्ते ब्याज दर (Low Interest) पर लोन दे रही हैं, ताकि प्रोजेक्ट का पैसा सोसाइटी के मेंटेनेंस फण्ड (Corpus Fund) से एक साथ न देना पड़े।

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5. ROI कैलकुलेशन: 100kW प्लांट का खर्च और मुनाफा

आइए एक असली RWA प्रोजेक्ट का गणित (Maths) समझते हैं:

विवरण (Description)अनुमानित खर्च / बचत (₹)
100 kW प्लांट का कुल खर्च (Installation Cost)लगभग ₹50,00,000
सरकारी सब्सिडी (DBT Transfer)- ₹18,00,000
RWA की असली लागत (Net Cost)₹32,00,000
महीने की बिजली बचत (12,000 Units @ ₹8)₹96,000 प्रति माह
साल भर की कुल बचत₹11,52,000 प्रति वर्ष
निष्कर्ष (Conclusion): आपकी सोसाइटी का ₹32 लाख का निवेश मात्र 2.8 से 3 साल में 100% वसूल (Breakeven) हो जाएगा। इसके बाद अगले 22 सालों तक सोसाइटी की लिफ्ट, जिम और लाइटें पूरी तरह फ्री (Free) चलेंगी। इससे हर फ्लैट मालिक का मेंटेनेंस (CAM) चार्ज सीधा आधा हो जाएगा!

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या RWA की सब्सिडी मिलने पर इंडिविजुअल फ्लैट मालिक अपनी बालकनी/छत पर सोलर सब्सिडी ले सकता है?
हाँ! ये दोनों बिल्कुल अलग हैं। RWA को 'कॉमन एरिया' के कनेक्शन (Commercial/Bulk connection) पर सब्सिडी मिलती है। एक फ्लैट मालिक अपने खुद के डोमेस्टिक (LMV-1) मीटर पर 3 kW (₹78,000) तक की व्यक्तिगत सब्सिडी अलग से क्लेम कर सकता है।

Q2. सब्सिडी का पैसा (18 लाख) किसके खाते में आएगा?
पैसा किसी व्यक्ति के खाते में नहीं जाता। यह DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे RWA (Resident Welfare Association) के आधिकारिक बैंक खाते में भेजा जाता है।

Q3. अगर हमारी सोसाइटी की छत पर 100 kW की जगह नहीं है, तो क्या करें?
100 kW के लिए लगभग 10,000 वर्ग फुट 'शैडो-फ्री' (Shadow-free) छत की ज़रूरत होती है। अगर छत छोटी है, तो आप 50 kW या 30 kW का प्लांट लगा सकते हैं। हाई-राइज़ (High-rise) बिल्डिंग्स में आजकल 'सोलर परगोला' (Solar Pergola) या पार्किंग शेड (Carport Solar) के ऊपर पैनल लगाकर जगह का इस्तेमाल किया जाता है।

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