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LMV-1 to LMV-2 Category Change 2026: UPPCL Online Process

Category Change: LMV-1 से LMV-2 (Commercial) कैसे करवाएं? जानें पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया (2026)
LMV-1 to LMV-2 Category Change UPPCL Online Category Conversion India 2026

Category Change: LMV-1 से LMV-2 (Commercial) कैसे करवाएं? जानें पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया (2026)

क्या आप अपने घर के एक कमरे में छोटी सी दुकान, ब्यूटी पार्लर, या कोई कोचिंग सेंटर (Coaching Center) चला रहे हैं? अगर हाँ, और आप अभी भी घर वाले मीटर (LMV-1 Domestic) से ही बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइये! आप अनजाने में एक बहुत बड़ी कानूनी मुसीबत को दावत दे रहे हैं।

भारत में, बिजली विभाग मुनाफे वाले कामों (Commercial Activities) के लिए अलग रेट और 'कैटेगरी' रखता है। 2026 के नए स्मार्ट मीटर (Smart Meters) इतने एडवांस हैं कि वे आपके बिजली के इस्तेमाल के पैटर्न से यह अंदाजा लगा सकते हैं कि बिजली का उपयोग घरेलू है या व्यावसायिक। अगर विजिलेंस (Vigilance) की टीम ने चेकिंग के दौरान आपके घर में व्यावसायिक गतिविधि पकड़ ली, तो आप पर Section 126 के तहत लाखों का जुर्माना लग सकता है।

आपकी अपनी वेबसाइट `bijlibabu.in` के इस डीप-एनालिसिस गाइड में, हम आपको बताएंगे कि बिना किसी दलाल (Broker) के चक्कर काटे, आप खुद ऑनलाइन अपने मीटर की कैटेगरी LMV-1 (घरेलू) से LMV-2 (व्यावसायिक) में कैसे बदलवा सकते हैं, इसमें कितना खर्च आता है, और जुर्माना (Penalty) से कैसे बचें!

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1. कैटेगरी चेंज करवाना क्यों अनिवार्य है? (Legal Warning)

बिजली विभाग की भाषा में इसे 'Misuse of Tariff' (टैरिफ का दुरुपयोग) कहा जाता है। कानूनन, आप घर की सस्ती बिजली का इस्तेमाल करके पैसा नहीं कमा सकते।

Section 126 (Electricity Act, 2003):
अगर आप पकड़े जाते हैं, तो विभाग यह मान लेता है कि आप पिछले 12 महीनों से चोरी कर रहे थे। आप पर पिछले एक साल के बिजली बिल का दोगुना (Double) जुर्माना लगाया जाता है। साथ ही, जब तक आप कमर्शियल सिक्योरिटी मनी नहीं भर देते, आपका मीटर दोबारा नहीं जोड़ा जाएगा। इसलिए, पकड़े जाने से पहले खुद ही कैटेगरी बदलवाना समझदारी है।

2. LMV-1 vs LMV-2: बिल के गणित में कितना अंतर आएगा?

कैटेगरी बदलने के बाद आपका बिजली का बिल बढ़ना तय है। आइए 2026 के UPPCL रेट्स के अनुसार तुलना करते हैं:

विवरण (Tariff)घरेलू (LMV-1 Urban)व्यावसायिक (LMV-2 Urban)
यूनिट रेट (Base Rate)₹ 5.50 - ₹ 7.00₹ 8.50 - ₹ 10.00+
फिक्स्ड चार्ज (Per kW)₹ 110₹ 330 - ₹ 450
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी (Duty)5%7.5% से 15%

निष्कर्ष: कमर्शियल कैटेगरी में शिफ्ट होने पर आपका बिल लगभग डेढ़ से दो गुना (1.5x - 2x) हो जाएगा।

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3. कैटेगरी बदलने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ (Documents 2026)

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले इन दस्तावेज़ों की साफ़ PDF फाइल (Max 2MB) बना लें:

  • पहचान पत्र: आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar) या पैन कार्ड।
  • लेटेस्ट बिजली बिल: आपके मौजूदा LMV-1 कनेक्शन का 'Zero Arrears' (बिना बकाया) वाला बिल।
  • बिज़नेस प्रूफ: दुकान का रजिस्ट्रेशन (Shop Act / Gumasta), GST Certificate, या ट्रेड लाइसेंस।
  • प्रॉपर्टी के कागज़: अगर दुकान आपकी है तो रजिस्ट्री, और अगर किराए पर है तो 'रेंट एग्रीमेंट' और मालिक का NOC।

4. UPPCL Online: कैटेगरी बदलने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

2026 में उत्तर प्रदेश के शहरी उपभोक्ता uppclonline.com के ज़रिए यह काम 10 मिनट में कर सकते हैं:

  1. लॉगिन करें: UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी Consumer ID से लॉगिन करें।
  2. सर्विस रिक्वेस्ट (Service Request): डैशबोर्ड पर जाकर 'Service Request' पर क्लिक करें और वहां "Change of Category" विकल्प चुनें।
  3. कैटेगरी सिलेक्ट करें: 'Existing Category' में LMV-1 दिखेगा, 'Proposed Category' में आपको LMV-2 (Non-Domestic) चुनना है।
  4. डॉक्यूमेंट अपलोड: ऊपर बताए गए दस्तावेज़ों को अपलोड करें और अपनी दुकान/बिज़नेस की जानकारी भरें।
  5. प्रोसेसिंग फीस: लगभग ₹118 (GST सहित) की प्रोसेसिंग फीस ऑनलाइन जमा करें।
  6. JE वेरिफिकेशन: विभाग का JE (Junior Engineer) आपकी दुकान का मुआयना करने आ सकता है। सब सही पाए जाने पर आपका मीटर डेटाबेस में कमर्शियल कर दिया जाएगा।
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5. कैटेगरी बदलने का असली खर्च (Fees & Security Deposit)

लोग सोचते हैं कि सिर्फ 118 रुपये में कैटेगरी बदल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है। असली खर्च 'सिक्योरिटी मनी' (Security Deposit) में आता है:

Security Deposit का अंतर:
LMV-1 (घरेलू) के लिए सिक्योरिटी मात्र ₹300 प्रति kW होती है। लेकिन LMV-2 (कमर्शियल) के लिए यह ₹1,000 प्रति kW से ऊपर होती है।

अगर आपका लोड 2kW है, तो विभाग आपसे लगभग ₹1,400 से ₹2,000 के बीच 'अतिरिक्त सिक्योरिटी' (Additional Security) जमा करवाएगा। यह पैसा रिफंडेबल होता है, लेकिन कैटेगरी बदलते समय आपको यह 'कैश' (ऑनलाइन) भरना ही होगा।

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या बिना कैटेगरी बदले दुकान चलाना बिजली चोरी (Electricity Theft) है?
हाँ! इसे तकनीकी रूप से 'Section 126 - Unauthorized Use of Electricity' कहा जाता है। इसमें FIR नहीं होती (जब तक मीटर से छेड़छाड़ न हो), लेकिन भयंकर आर्थिक जुर्माना (Penalty) ज़रूर लगता है।

Q2. मैंने दुकान बंद कर दी है, क्या मैं दोबारा LMV-2 से LMV-1 करवा सकता हूँ?
बिल्कुल। इसे 'Reversion of Category' कहते हैं। आपको यह साबित करना होगा कि वहां अब कोई बिज़नस नहीं हो रहा है। इसके बाद आपकी एक्स्ट्रा सिक्योरिटी मनी आपके अगले बिजली बिलों में एडजस्ट कर दी जाएगी।

Q3. कैटेगरी बदलने के बाद क्या नया मीटर (Physical Meter) लगेगा?
नहीं। अगर आपका मौजूदा मीटर सही काम कर रहा है और 'स्मार्ट मीटर' है, तो विभाग सिर्फ अपने सर्वर पर आपकी कैटेगरी बदल देगा। आपको नया मीटर खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

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