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Name Change in Electricity Bill 2026: Online UPPCL Process

Name Change in Electricity Bill: कनेक्शन अपने नाम कैसे करवाएं? (2026 Guide)
Name Change in Electricity Bill UPPCL Property Transfer Legal Heir India 2026

Name Change in Electricity Bill: मकान मालिक या पिता के नाम से कनेक्शन अपने नाम कैसे करवाएं? (2026 Guide)

क्या आपने हाल ही में कोई पुराना (Resale) मकान या दुकान खरीदी है? या फिर दुखद रूप से आपके पिता या पति (जिनके नाम पर घर का बिजली कनेक्शन था) का निधन हो गया है? भारत में लाखों लोग हर साल प्रॉपर्टी खरीदते हैं या विरासत में पाते हैं, लेकिन 90% लोग घर की रजिस्ट्री (Registry) और दाखिल-खारिज (Mutation) करवाने के बाद 'बिजली के मीटर' में नाम बदलवाना भूल जाते हैं।

बिल पुराने मकान मालिक या दादाजी के नाम से ही आता रहता है और आप चुपचाप उसे भरते रहते हैं। आपको लगता है कि "जब लाइट आ ही रही है, तो नाम बदलने के सरकारी झंझट में क्यों पड़ना?"

लेकिन 2026 के डिजिटल युग में यह एक बहुत बड़ी गलती है! अगर आप नया पासपोर्ट (Passport) बनवाने जा रहे हैं, बैंक से होम लोन ले रहे हैं, या अपनी नई दुकान के लिए GST Registration करवा रहे हैं, तो सबसे पहले आपके नाम का बिजली बिल माँगा जाएगा। पुराने नाम का बिल होने पर आपकी फाइल तुरंत रिजेक्ट कर दी जाएगी।

आपकी अपनी वेबसाइट `bijlibabu.in` के इस लीगल गाइड में, हम आपको बताएंगे कि 2026 में UPPCL (उत्तर प्रदेश) या आपके राज्य के बिजली विभाग में, बिना किसी दलाल को पैसे दिए, ऑनलाइन अपने नाम पर बिजली का बिल (Name Transfer) कैसे ट्रांसफर करवाएं।

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1. बिजली बिल में नाम बदलवाना क्यों ज़रूरी है? (Legal Proof)

बिजली का बिल सिर्फ पैसे भरने की रसीद नहीं है, बल्कि भारत सरकार की नज़रों में यह आपका सबसे मज़बूत 'Address Proof' (पते का प्रमाण) है। इसे अपने नाम पर करवाना इन 3 कामों के लिए अनिवार्य है:

  • MSME और GST Registration: अगर आपने कोई कमर्शियल प्रॉपर्टी (दुकान/गोदाम) खरीदी है और आप बिज़नेस शुरू कर रहे हैं, तो GST विभाग आपके नाम का कमर्शियल बिजली बिल (LMV-2) मांगता है। पुराने मालिक के नाम का बिल मान्य नहीं होगा।
  • लोन और सरकारी डॉक्युमेंट्स: बैंक से प्रॉपर्टी पर लोन (Mortgage) लेने, आधार कार्ड का पता बदलवाने, या नया पासपोर्ट बनवाने के लिए आपके नाम का लेटेस्ट बिजली बिल सबसे अहम दस्तावेज़ है।
  • पुराने मालिक की देनदारी से बचना: अगर आप नाम नहीं बदलते और कल को बिजली विभाग स्मार्ट मीटर में कोई 'पेनल्टी' या पुराना एरियर (Arrear) जोड़ देता है, तो कानूनी रूप से वह पैसा उसी को देना होगा जिसका नाम मीटर पर है।

2. नाम बदलने के 2 मुख्य कारण (Property Sale vs Death)

बिजली विभाग (Discom) में नाम बदलने की प्रक्रिया मुख्य रूप से 2 परिस्थितियों (Scenarios) में होती है। दोनों के कागज़ात अलग-अलग होते हैं:

  1. Property Sale (मकान या दुकान खरीदना): आपने किसी और से प्रॉपर्टी खरीदी है। यहाँ पुराने मालिक का नाम हटाकर आपका नाम दर्ज किया जाएगा। इसे 'Change of Ownership' कहते हैं।
  2. Succession / Legal Heir (मालिक की मृत्यु होने पर): मीटर जिसके नाम था (जैसे पिता, पति या दादा), उनका निधन हो गया है। अब प्रॉपर्टी वारिस (बेटे या पत्नी) के नाम पर ट्रांसफर होनी है। इसे 'Transfer to Legal Heir' कहते हैं।
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3. 'Name Change' के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ (Documents Required)

ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले, अपने मोबाइल में इन दस्तावेज़ों की PDF फाइल (Max 2MB) स्कैन करके रख लें:

प्रॉपर्टी खरीदने पर (Sale Case)मृत्यु होने पर (Legal Heir Case)
1. नए मालिक का आधार कार्ड और पैन कार्ड।1. वारिस (नए मालिक) का आधार और पैन कार्ड।
2. रजिस्ट्री की कॉपी (Sale Deed) या नगर निगम का दाखिल-खारिज (House Tax Receipt)।2. पुराने मालिक का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
3. पुराना बिजली बिल (Paid Receipt)।3. वारिसान प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate) या परिवार का हलफनामा (Affidavit)।
4. पुराने मालिक का NOC (No Objection Certificate)। (वैकल्पिक)4. Indemnity Bond (क्षतिपूर्ति बांड) (यह एक ₹100 का स्टाम्प होता है कि आप सारा बकाया भरने को तैयार हैं)।

4. UPPCL Jhatpat Portal: ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?

उत्तर प्रदेश में अब नाम बदलवाने के लिए जेई (JE) या क्लर्क को रिश्वत देने की कोई ज़रूरत नहीं है। आप घर बैठे झटपट पोर्टल (Jhatpat Portal) से यह काम कर सकते हैं:

  1. जीरो बकाया (Clear Dues): सबसे पहले चेक करें कि पुराने बिल का कोई पैसा पेंडिंग तो नहीं है। अगर ₹10 भी पेंडिंग हैं, तो फाइल रिजेक्ट हो जाएगी।
  2. पोर्टल पर लॉगिन: गूगल पर 'UPPCL Jhatpat Portal' खोलें और रजिस्टर करके लॉगिन करें।
  3. सर्विस चुनें (Service Selection): डैशबोर्ड पर "Name Change / Ownership Change" के विकल्प (Option) पर क्लिक करें। अपना मौजूदा Account Number (10 या 12 अंकों वाला) दर्ज करें।
  4. कागज़ात अपलोड करें: स्क्रीन पर नया नाम डालें और ऊपर बताए गए दस्तावेज़ (Sale Deed या Death Certificate) अपलोड करें।
  5. प्रोसेसिंग फीस: लगभग ₹118 (GST सहित) की सरकारी प्रोसेसिंग फीस ऑनलाइन जमा करें।
  6. मंजूरी (Approval): 7 से 15 दिनों के अंदर, SDO (उपखंड अधिकारी) ऑनलाइन ही आपके कागज़ात चेक करके अप्रूवल दे देगा। अगले महीने से बिल आपके नाम से आने लगेगा!
सिक्योरिटी मनी (Security Deposit) का नियम:
जब नाम बदलता है, तो पुराने मालिक की 'सिक्योरिटी मनी' आपको ट्रांसफर कर दी जाती है। लेकिन अगर वो सिक्योरिटी मनी 20 साल पुरानी (जैसे सिर्फ ₹100) है, तो UPPCL आपसे 2026 के नए रेट (₹300/kW) के हिसाब से बाकी का एक्स्ट्रा सिक्योरिटी अमाउंट (Difference Amount) ऑनलाइन जमा करवाएगा।
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5. पुराना बकाया (Arrears): नाम बदलने से पहले का सबसे बड़ा ट्रैप!

अगर आप कोई पुरानी दुकान या फैक्ट्री खरीद रहे हैं, तो सावधान रहें! कई बार पुराना मालिक बिजली का लाखों रुपये का बिल छोड़कर भाग जाता है।

भारतीय विद्युत अधिनियम (Electricity Act) का नियम: बिजली का बिल उस 'इंसान' (Person) पर नहीं, बल्कि उस 'परिसर' (Property/Premises) पर लगता है। अगर आप ऐसी प्रॉपर्टी खरीदते हैं जिस पर 2 लाख का बिजली बिल बकाया है, तो नाम बदलने से पहले वह 2 लाख रुपये आपको (नए मालिक को) भरने पड़ेंगे!

स्मार्ट टिप: कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने या उसकी रजिस्ट्री करवाने से पहले, मालिक से बिजली विभाग का 'No Dues Certificate' (NDC) ज़रूर मांगें। bijlibabu.in पर जाकर खुद अकाउंट नंबर डालकर चेक करें कि कहीं कोई एरियर (Arrear) तो नहीं छिपा है।

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या किरायेदार (Tenant) अपने नाम पर बिजली का बिल करवा सकता है?
आम तौर पर परमानेंट नाम (Name Change) सिर्फ मालिक का होता है। लेकिन किरायेदार नया मीटर (New Connection) अपने नाम पर ले सकता है, जिसके लिए उसे 'Rent Agreement' और मकान मालिक का 'NOC' देना होता है।

Q2. मेरे पिताजी के नाम पर कनेक्शन है, हम 3 भाई हैं। कनेक्शन किसके नाम पर होगा?
अगर पिताजी ने कोई वसीयत (Will) नहीं की है, तो बाकी दोनों भाइयों को एक ₹100 के स्टाम्प पेपर पर 'No Objection' (अनापत्ति) देना होगा कि उन्हें कनेक्शन तीसरे भाई के नाम पर ट्रांसफर होने से कोई ऐतराज़ नहीं है। इसे 'Indemnity Bond' के साथ लगाना होता है।

Q3. ऑफलाइन (SDO ऑफिस) नाम बदलवाने में कितना समय लगता है?
अगर आप ऑनलाइन (Jhatpat portal) नहीं कर पा रहे हैं, तो SDO ऑफिस में सारे ओरिजिनल कागज़ात की फोटोकॉपी लेकर एक फाइल जमा करनी होगी। इसमें 15 से 30 दिन का समय लग सकता है।

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