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Permanent Disconnection (PD) UPPCL: Online Process & Refund 2026

Permanent Disconnection (PD): बिजली कनेक्शन हमेशा के लिए बंद कैसे करवाएं? (2026 Guide)
Permanent Disconnection PD UPPCL Online Process Refund India 2026

Permanent Disconnection (PD): बिजली कनेक्शन हमेशा के लिए बंद कैसे करवाएं? (2026 Guide)

क्या आप अपना पुराना घर बेच रहे हैं, किराए की दुकान खाली कर रहे हैं, या किसी दूसरे शहर में शिफ्ट (Relocate) हो रहे हैं? घर का सामान पैक करते समय हम अक्सर सबसे ज़रूरी काम भूल जाते हैं—बिजली का मीटर कटवाना! कई लोग सोचते हैं कि "मेन स्विच (Main Switch) गिरा देते हैं, जब बिजली जलेगी ही नहीं तो बिल कहाँ से आएगा?"

यही वह सबसे बड़ी ग़लती है जो आपको कानूनी मुसीबत (Legal Trouble) में डाल सकती है। भारत में, खासकर उत्तर प्रदेश (UPPCL) में, अगर आप विधिवत तरीके से 'Permanent Disconnection' (PD) यानी मीटर को हमेशा के लिए बंद नहीं करवाते हैं, तो आपका बिजली बिल हर महीने बनता रहेगा। कुछ ही सालों में यह बिल हज़ारों-लाखों रुपये का हो जाता है और बिजली विभाग आपके नाम पर 'Recovery Certificate' (RC) जारी कर देता है।

आपकी पसंदीदा वेबसाइट `bijlibabu.in` के इस डीप-एनालिसिस लीगल गाइड में, हम आपको बताएंगे कि 2026 में बिना दफ्तर के धक्के खाए, ऑनलाइन तरीके से अपना बिजली कनेक्शन कैसे कटवाएं। साथ ही, हम यह भी सीखेंगे कि कनेक्शन लेते समय जो 'सिक्योरिटी मनी' (Security Deposit) आपने जमा की थी, उसे अपने बैंक खाते में वापस (Refund) कैसे पाएं!

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1. TD और PD में क्या अंतर है? (Temporary vs Permanent)

बिजली विभाग (Discom) की डिक्शनरी में मीटर कटने के दो मतलब होते हैं। इसे समझना बहुत ज़रूरी है:

  • TD (Temporary Disconnection): जब आप लगातार 2-3 महीने तक बिजली का बिल नहीं भरते हैं, तो लाइनमैन आकर आपका तार काट देता है। इसे TD कहते हैं। इसमें आपका 'अकाउंट' (Account) चालू रहता है और आपके नाम पर हर महीने बिल (Fixed Charge) जुड़ता रहता है। पैसा देने पर यह दोबारा जुड़ जाता है।
  • PD (Permanent Disconnection): जब आप खुद एप्लीकेशन देकर कहते हैं कि "मुझे अब बिजली नहीं चाहिए, मेरा मीटर उखाड़ ले जाओ और मेरा अकाउंट हमेशा के लिए डिलीट (Delete) कर दो।" इसे PD कहते हैं। इसके बाद आपके नाम पर कभी कोई बिल जनरेट नहीं होता।

2. बंद घर का भयंकर ट्रैप: बिल आता कैसे है?

मान लीजिए आपका एक घर या दुकान है जिसका 'स्वीकृत लोड' (Sanctioned Load) 2 kW है। आप शटर गिराकर चले गए और 0 (जीरो) यूनिट बिजली इस्तेमाल की। क्या आपका बिल ज़ीरो आएगा?

UPPCL स्मार्ट मीटर का गणित:
भले ही आपकी यूनिट खपत (Energy Charge) शून्य हो, लेकिन विभाग आपसे उस 2 kW लोड को 'रिज़र्व' रखने का फिक्स्ड चार्ज (Fixed Demand Charge) हर महीने लेगा।

👉 कमर्शियल कनेक्शन (LMV-2) का फिक्स्ड चार्ज लगभग ₹400 प्रति kW होता है। 2 kW का मतलब है ₹800 हर महीने!
👉 अगर आप 2 साल तक दुकान बंद रखते हैं और बिल नहीं भरते हैं, तो (₹800 × 24 महीने) = ₹19,200। इस पर 'Late Payment Surcharge' (LPSC) लगकर यह बिल आसानी से ₹30,000 पार कर जाएगा। और यह पैसा आपको (जिसके नाम पर मीटर है) कानूनी रूप से भरना ही पड़ेगा!
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3. UPPCL Online: कनेक्शन काटने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

2026 में आपको SDO ऑफिस के चक्कर काटने या लाइनमैन की मिन्नतें करने की ज़रूरत नहीं है। आप यह काम ऑनलाइन कर सकते हैं:

  1. बकाया साफ़ करें: सबसे पहले uppclonline.com (शहरी) या mPower ऐप पर जाएं। आज तक का जितना भी बिल पेंडिंग है, उसे ऑनलाइन 'Zero' (0) कर दें।
  2. PD Request डालें: अपने अकाउंट में लॉगिन करें। 'Service Request' सेक्शन में जाएं और "Request for Permanent Disconnection" को चुनें।
  3. कारण (Reason) बताएं: आपको एक कारण चुनना होगा (जैसे - Shifting to a new city, Property Sold, या Business Closed)।
  4. फाइनल रीडिंग: इसके बाद 2-3 दिन के अंदर लाइनमैन/JE आपके घर आएगा। वह मीटर की आख़िरी (Final) रीडिंग नोट करेगा और मीटर को उखाड़ कर (Remove) अपने साथ ले जाएगा।
  5. Final Bill Settlement: अगर आख़िरी 2-3 दिन की कोई यूनिट जली है, तो विभाग एक "Final Bill" बनाएगा। आपको वह आख़िरी बिल भरना होगा, जिसके बाद आपको 'No Dues Certificate' (NDC) मिल जाएगा।

4. सिक्योरिटी डिपाजिट का रिफंड (Refund of Security Money)

यह वह पैसा है जो बिजली विभाग कभी खुद से वापस नहीं करता, और 90% लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता!

आपका पैसा, आपका हक़ (Your Money):
जब आपने सालों पहले नया मीटर लगवाया था, तो आपने UPPCL को 'Security Deposit' दिया था। (घरेलू कनेक्शन के लिए ₹300/kW और कमर्शियल के लिए ₹1000/kW से ऊपर)।

जब आपका "Permanent Disconnection" (PD) सक्सेसफुल हो जाता है, तो आप ऑनलाइन पोर्टल पर 'Security Refund' का क्लेम (Claim) डाल सकते हैं। आपको अपनी बैंक पासबुक (Bank Passbook) या कैंसल्ड चेक (Cancelled Cheque) की फोटो अपलोड करनी होगी। 15 से 30 दिनों के भीतर वह पूरा सिक्योरिटी का पैसा ब्याज (Interest) सहित आपके बैंक अकाउंट में वापस आ जाएगा!
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5. PD के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ (Required Documents)

भले ही प्रक्रिया ऑनलाइन है, लेकिन आपको पोर्टल पर कुछ दस्तावेज़ (PDF फॉर्मेट में) अपलोड करने पड़ सकते हैं:

दस्तावेज़ का नाम (Document)किसलिए चाहिए? (Reason)
आवेदक का ID Proofआधार कार्ड (Aadhaar) या पैन कार्ड, ताकि साबित हो कि आप ही असली उपभोक्ता हैं।
Last Paid Bill Receiptयह साबित करने के लिए कि आपने पिछला सारा बकाया (Dues) चुका दिया है।
बैंक पासबुक (Bank Passbook)सिर्फ तभी जब आप अपनी 'सिक्योरिटी मनी' का रिफंड (Refund) अपने खाते में चाहते हैं।

(नोट: अगर मीटर जिसके नाम पर था, उनकी मृत्यु (Death) हो गई है, तो मीटर कटवाने के लिए 'Death Certificate' और वारिस (Heir) का एफिडेविट लगाना होगा।)

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. मैंने अपना घर बेच दिया है। क्या मुझे मीटर कटवाना चाहिए या नाम बदलवाना (Name Change) चाहिए?
अगर आप घर बेच रहे हैं, तो सबसे सुरक्षित तरीका है कि आप अपना पुराना मीटर Permanent Disconnect (PD) करवा लें और 'No Dues Certificate' ले लें। नया मालिक अपने नाम पर फ्रेश कनेक्शन ले लेगा। अगर आप सिर्फ घर बेचकर चले गए और नए मालिक ने बिल नहीं भरा, तो कानूनी नोटिस और RC आपके (पुराने मालिक) नाम पर ही आएगी!

Q2. क्या मैं कुछ महीनों के लिए अपना मीटर 'Pause' या 'Hold' कर सकता हूँ?
नहीं। भारत के बिजली अधिनियम में मीटर को 'Pause' करने का कोई नियम नहीं है। अगर आप 6 महीने के लिए विदेश जा रहे हैं, तो आपको हर महीने उस खाली घर का 'फिक्स्ड चार्ज' ऑनलाइन भरना ही पड़ेगा।

Q3. PD अप्लाई करने के बाद भी विभाग से कोई मीटर उखाड़ने नहीं आया, तो क्या करूँ?
ऑनलाइन रिक्वेस्ट डालने के बाद उस रिक्वेस्ट का प्रिंटआउट निकालें और तुरंत अपने लोकल 'SDO ऑफिस' में जाकर लिखित में रिसीव (Receive) करा दें। इसके बाद अगर बिल जनरेट होता है, तो आप कानूनी रूप से उसे भरने के लिए बाध्य नहीं होंगे।

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