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Rooftop Solar Subsidy 📅 February 14, 2026

Vendor List 2026: Find PM Surya Ghar Authorized Installers

Vendor List 2026: अपने जिले में PM सूर्य घर योजना के अधिकृत वेंडर की लिस्ट कैसे देखें? (Guide)
PM Surya Ghar Vendor List 2026 UPPCL Authorized Installers Subsidy India

Vendor List 2026: अपने जिले में PM सूर्य घर योजना के अधिकृत वेंडर की लिस्ट कैसे देखें? (Guide)

क्या आप भी 'PM Surya Ghar Yojana' के तहत ₹78,000 की सब्सिडी पाने के लिए किसी लोकल इलेक्ट्रीशियन या दुकानदार से 3 kW का सोलर प्लांट लगवाने जा रहे हैं? अगर हाँ, तो सावधान हो जाइए! 2026 में सब्सिडी के नाम पर सबसे बड़ा 'स्कैम' (Scam) यही चल रहा है।

बाज़ार में 80% वेंडर्स आपको 20,000 रुपये सस्ता कोटेशन (Quotation) देकर चाइनीज़ (Chinese) पैनल चिपका देते हैं। और जब आप सब्सिडी के लिए ऑनलाइन अप्लाई करते हैं, तो UPPCL आपका फॉर्म 1 सेकंड में रिजेक्ट (Reject) कर देता है! क्यों? क्योंकि भारत सरकार का सख्त नियम है कि अगर आपने नेशनल पोर्टल पर 'रजिस्टर्ड' (Registered / Empanelled) वेंडर से सोलर नहीं लगवाया है, तो आपको 1 रुपये की भी सब्सिडी नहीं मिलेगी।

आपकी पसंदीदा वेबसाइट `bijlibabu.in` के इस डीप-टेक गाइड में, हम आपको दलालों (Brokers) से बचाएंगे। हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे कि 2026 में अपने शहर/ज़िले (District) के अधिकृत (Authorized) वेंडर्स की ऑफिशियल लिस्ट कैसे निकालें, उनका मोबाइल नंबर कैसे पता करें, और उनसे मोल-भाव (Bargain) कैसे करें!

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1. अधिकृत (Registered) वेंडर से ही सोलर लगवाना क्यों अनिवार्य है?

अगर आप अपनी जेब से पूरे पैसे देकर बिना सब्सिडी वाला (Off-grid) सोलर लगवा रहे हैं, तो आप किसी से भी काम करवा सकते हैं। लेकिन अगर आपको सरकार के ₹78,000 बैंक खाते में चाहिए (DBT), तो ये 3 नियम मानने ही होंगे:

  • सब्सिडी का नियम: PM Surya Ghar पोर्टल केवल उन्हीं वेंडर्स के नाम (GST और पैन कार्ड के साथ) एक्सेप्ट करता है, जो बिजली विभाग (जैसे UPPCL) में रजिस्टर्ड हैं।
  • नेट मीटर (Net Metering): बिना रजिस्टर्ड वेंडर के UPPCL आपके घर का 'नेट मीटर' (दो दिशा वाला मीटर) पास ही नहीं करेगा। बिना नेट मीटर के आपका बिजली बिल ज़ीरो (Zero) नहीं हो सकता।
  • 5 साल की सर्विस गारंटी: रजिस्टर्ड वेंडर को सरकार के साथ एक 'एग्रीमेंट' (Agreement) साइन करना पड़ता है कि वह आपको 5 साल तक फ्री मेंटेनेंस सर्विस (AMC) देगा। अगर वह भाग गया, तो सरकार उसकी बैंक गारंटी ज़ब्त कर लेगी!

2. स्टेप-बाय-स्टेप: अपने ज़िले की 'Vendor List' ऑनलाइन कैसे निकालें?

अपने शहर के अधिकृत वेंडर्स (Authorized Vendors) को खोजने के लिए आपको किसी दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं है। अपने स्मार्टफोन से ये 4 स्टेप्स फॉलो करें:

  1. ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: गूगल (Google) पर pmsuryaghar.gov.in सर्च करें और भारत सरकार का नेशनल पोर्टल खोलें।
  2. Empanelled Vendors ढूंढें: होम पेज पर थोड़ा नीचे स्क्रॉल करें या मेनू में "Information for Consumers" पर क्लिक करें। वहां आपको "List of Empanelled Vendors" (पंजीकृत वेंडर्स की सूची) का लिंक मिलेगा।
  3. अपना राज्य और विभाग चुनें: लिंक पर क्लिक करते ही एक नया पेज खुलेगा। उसमें अपना राज्य (State) चुनें (जैसे - Uttar Pradesh)। फिर अपनी बिजली कंपनी (Discom) चुनें (जैसे - MVVNL, DVVNL, PVVNL, या PUVVNL)।
  4. लिस्ट डाउनलोड करें: 'Search' बटन दबाते ही आपके सामने उन सभी कंपनियों की लिस्ट आ जाएगी जिन्हें UPPCL ने पास किया है। इस लिस्ट में कंपनी का नाम, मालिक का नाम और उनका मोबाइल नंबर (Mobile Number) साफ़-साफ़ लिखा होता है।
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3. 100 वेंडर्स की लिस्ट में से 'सबसे बेस्ट' वेंडर कैसे चुनें?

जब आप लिस्ट निकालेंगे, तो उसमें 500 से ज्यादा नाम होंगे। अब आप किससे संपर्क करें? bijlibabu.in की यह चेकलिस्ट (Checklist) इस्तेमाल करें:

क्या चेक करें? (Checklist)वेंडर से क्या सवाल पूछें? (What to Ask)
1. कंपनी का अनुभव (Experience)"आपने हमारे ज़िले में अब तक कितने 3 kW के प्लांट लगाए हैं? क्या आप मुझे 2 पुराने ग्राहकों का नंबर दे सकते हैं?"
2. पैनल की टेक्नोलॉजी"क्या आप मुझे Bifacial Mono PERC (दोनों तरफ से बिजली बनाने वाले) पैनल दे रहे हैं या पुराने 'पॉली' (Poly) पैनल?"
3. इन्वर्टर का ब्रांड"आप इन्वर्टर किस कंपनी का लगाएंगे?" (Growatt, Solis, या Luminous जैसे नामी ब्रांड ही मांगें)।
4. लोहे का स्ट्रक्चर (GI Structure)"क्या लोहे के स्ट्रक्चर की मोटाई 'Hot Dip Galvanized' है?" (हल्का लोहा आंधी में उड़ जाएगा)।

स्मार्ट टिप: कम से कम 3 अलग-अलग वेंडर्स को कॉल करें और उनसे कोटेशन (लिखित रेट) व्हाट्सएप पर मंगाएं। जो वेंडर आपको सबसे अच्छा ब्रांड (जैसे Tata/Adani/Waaree) और 5 साल की लिखित सर्विस दे रहा हो, उसी को चुनें।

4. वेंडर का सबसे बड़ा 'धोखा': DCR vs Non-DCR पैनल ट्रैप!

यही वह 'स्कैम' है जिससे आपको सबसे ज्यादा बचना है।

The DCR Mandate (सब्सिडी का कड़ा नियम):
भारत सरकार का नियम है कि ₹78,000 की सब्सिडी सिर्फ DCR (Domestic Content Requirement) पैनलों पर मिलेगी। यानी पैनल और उसके अंदर का सिलिकॉन सेल, दोनों भारत में बने होने चाहिए।

वेंडर क्या करते हैं? कई वेंडर आपको 20,000 रुपये सस्ता रेट बताकर फंसा लेते हैं। फिर वे आपकी छत पर Non-DCR (चाइनीज़ सेल वाले) पैनल लगा देते हैं। जब आप सब्सिडी के लिए अप्लाई करते हैं, तो पोर्टल इन पैनलों का बारकोड (Barcode) रिजेक्ट कर देता है। आप रोते रह जाते हैं और वेंडर फोन उठाना बंद कर देता है!

बचाव: पेमेंट करने से पहले वेंडर से 'DCR Certificate' (लिखित गारंटी) ज़रूर मांगें।
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5. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या मुझे वेंडर को पूरा पैसा (Full Payment) एक साथ देना होगा?
नहीं! कभी भी पूरा पैसा एडवांस न दें। स्टैंडर्ड नियम यह है: 30% बुकिंग पर, 50% सामान (पैनल/इन्वर्टर) घर आने पर, और 20% नेट मीटर (Net Meter) लगकर सिस्टम चालू होने के बाद दें। अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो 2026 में SBI/PNB से 'Solar Loan' (मात्र 7% ब्याज पर) आसानी से मिल रहा है।

Q2. मुझे सब्सिडी का ₹78,000 वेंडर को देना है या मेरे खाते में आएगा?
आपको वेंडर को पूरी कीमत (Net Cost) देनी होगी या बैंक से फाइनेंस कराना होगा। प्लांट लगने और नेट मीटर चालू होने के लगभग 30-45 दिन बाद, सरकार पूरा ₹78,000 सीधा आपके बैंक खाते (Bank Account) में DBT के माध्यम से ट्रांसफर (Transfer) करेगी। वेंडर का सब्सिडी के पैसे से कोई लेना-देना नहीं है।

Q3. वेंडर लिस्ट में 'Tata Power' का नाम नहीं है, तो क्या मैं टाटा का सोलर नहीं लगवा सकता?
ऐसा नहीं है। टाटा पावर (Tata Power) जैसी बड़ी कंपनियां सीधे तौर पर भी काम करती हैं और उनके कई अधिकृत 'चैनल पार्टनर' (Channel Partners) होते हैं, जिनका नाम पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेंडर के रूप में दर्ज होता है। आप उस पार्टनर के ज़रिए टाटा का पूरा प्लांट लगवा सकते हैं।

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