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Solar ROI Calculator 2026: 3kW Payback Period in India

Solar ROI Calculator: सोलर लगवाने का पूरा पैसा कितने साल में वापस मिलेगा? (2026 Guide)
Solar ROI Calculator PM Surya Ghar Subsidy Payback Period India 2026

Solar ROI Calculator: सोलर लगवाने का पूरा पैसा कितने साल में वापस मिलेगा? (2026 Guide)

क्या आप भी गर्मियों में ₹4,000 के भारी-भरकम बिजली बिल (Electricity Bill) से परेशान हैं और छत पर 1.5 लाख रुपये का सोलर प्लांट (Solar Plant) लगवाने से डर रहे हैं? भारत में जब भी कोई मिडिल-क्लास (Middle Class) परिवार सोलर पैनल खरीदने की सोचता है, तो सबसे पहला सवाल यही आता है: "मैं एक साथ इतना पैसा फंसा दूँगा, लेकिन क्या यह पैसा कभी वापस वसूल (Recover) होगा? अगर होगा, तो कितने सालों में?"

अगर आप उत्तर प्रदेश (UPPCL) या किसी भी ऐसे राज्य में रहते हैं, जहाँ बिजली की दरें ₹7 से ₹8 प्रति यूनिट तक पहुँच गई हैं, तो सोलर पैनल कोई 'लग्ज़री' नहीं, बल्कि सबसे बेहतरीन वित्तीय निवेश (Financial Investment) है। 2026 में PM Surya Ghar Yojana के तहत मिलने वाली ₹78,000 की भारी सब्सिडी ने 'पैसा वसूल' होने के इस गणित (Maths) को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।

`bijlibabu.in` के इस एक्सक्लूसिव Solar ROI (Return on Investment) कैलकुलेटर गाइड में, हम एक स्टैंडर्ड 3kW ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट का पोस्टमार्टम करेंगे। हम आपको दिखाएंगे कि नेट मीटरिंग (Net Metering) के जरिए आपका पैसा बैंक की FD (Fixed Deposit) से भी कई गुना तेज़ी से कैसे वापस लौट आता है!

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1. 3kW सोलर प्लांट का कुल खर्च (Capital Expenditure)

सबसे पहले, आइए 2026 के मार्किट रेट्स के अनुसार एक अच्छी क्वालिटी (Mono PERC DCR Panels) के 3kW ऑन-ग्रिड (On-Grid) सोलर प्लांट का शुरुआती खर्च जोड़ते हैं।

  • मटेरियल (Panels, Inverter, Structure): ₹ 1,20,000
  • लेबर और इंस्टॉलेशन (Labor): ₹ 15,000
  • नेट मीटर और UPPCL फाइलिंग: ₹ 10,000
  • GST और अन्य खर्च: ₹ 15,000

वेंडर का कुल बिल (Total Gross Invoice): ₹ 1,60,000 (लगभग)

2. सब्सिडी का जादू: आपकी असली लागत (Net Cost) क्या है?

आपको अपनी जेब से ₹1.6 लाख हमेशा के लिए नहीं देने हैं। 'PM Surya Ghar Yojana' के तहत आपको डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से भारी छूट मिलती है।

सब्सिडी घटाने के बाद आपका असली खर्च:

कुल बिल: ₹ 1,60,000
केंद्र सरकार की सब्सिडी (MNRE CFA): - ₹ 78,000
यूपी राज्य सरकार की सब्सिडी (UPNEDA): - ₹ 30,000 (यह राज्य के अनुसार अलग हो सकती है)

आपकी असली लागत (Net Out-of-Pocket Cost) = सिर्फ ₹ 52,000!
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3. सोलर पैनल कितनी बिजली बनाएगा? (Unit Generation)

एक 3kW का सोलर प्लांट भारत की तेज़ धूप में औसतन प्रतिदिन 12.5 से 14 यूनिट (Units) बिजली बनाता है।

समय (Time Period)बिजली का उत्पादन (Units Generated)
एक दिन में (Daily)लगभग 12.5 यूनिट्स
एक महीने में (Monthly)12.5 x 30 = 375 यूनिट्स
एक साल में (Yearly)375 x 12 = 4,500 यूनिट्स

मान लीजिए आपके घर (जैसे UPPCL) का बिजली का स्लैब रेट ₹7.50 प्रति यूनिट है (टैक्स और फिक्स्ड चार्ज मिलाकर)।

आपकी महीने की सीधी बचत (Monthly Savings) = 375 यूनिट्स x ₹7.50 = ₹2,800 प्रति माह

4. ROI कैलकुलेशन: पैसा कितने साल में वसूल होगा? (Payback Period)

अब हमारे पास दोनों मुख्य आँकड़े हैं: आपकी जेब से लगा पैसा और आपकी महीने की बचत। चलिए निकालते हैं कि आपका पैसा वापस कब लौटेगा (Breakeven Point)।

Payback Period Formula (पैसा वसूल होने का समय):
कुल लागत (Net Cost) ÷ साल भर की बचत (Annual Savings)

👉 आपकी लागत: ₹ 52,000
👉 साल भर की बचत: ₹2,800 x 12 महीने = ₹ 33,600
👉 समय: 52,000 / 33,600 = 1.5 साल (लगभग 18 महीने)!

निष्कर्ष (Conclusion): अगर आप यूपी (UP) में रहते हैं जहाँ राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है, तो आपका 100% पैसा मात्र डेढ़ साल (1.5 Years) में वापस वसूल हो जाएगा! इसके बाद, पैनल की 25 साल की लाइफ तक, हर महीने बचने वाले ₹2,800 आपका शुद्ध मुनाफा (Pure Profit) होंगे।

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5. बिना पैसे दिए सोलर: 'Solar Loan' और EMI का गणित

अगर आपके पास ₹1.6 लाख नकद (Cash) नहीं हैं, तो परेशान न हों। 2026 में SBI, HDFC, और PNB जैसे बैंक लगभग 7% की रियायती ब्याज दर (Subsidized Interest Rate) पर 'Collateral Free' (बिना कुछ गिरवी रखे) सोलर लोन दे रहे हैं।

  • लोन की राशि: ₹1,60,000 (शुरुआती वेंडर बिल के लिए)।
  • EMI (5 साल के लिए): लगभग ₹3,100 प्रति माह
  • लोन कैसे चुकाएं? आपका बिजली बिल वैसे भी ₹3,000 आता था, जो अब नेट मीटरिंग के कारण 'जीरो' (Zero) हो जाएगा। उसी बचे हुए ₹3,000 से आप बैंक की EMI भर सकते हैं। जैसे ही सब्सिडी के ₹1,08,000 आपके खाते में आएंगे, आप उन्हें बैंक में जमा करके (Pre-payment) अपना लोन तुरंत 6 से 8 महीने में ही खत्म कर सकते हैं!

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या 3kW सोलर पैनल चलाने से मेरे घर के 1.5 टन के दो AC चल जाएंगे?
बिल्कुल! दिन के समय 3kW का प्लांट आसानी से 2 AC चला सकता है। 'नेट मीटरिंग' (Net Metering) का फायदा यह है कि अगर AC स्टार्ट होते समय सोलर से ज्यादा बिजली मांगता है, तो ग्रिड (UPPCL) बिना ट्रिप हुए उसे एक्स्ट्रा बिजली दे देता है।

Q2. अगर मैं 5kW का प्लांट लगाऊँ, तो क्या मेरा पैसा भी डेढ़ साल में वापस मिल जाएगा?
नहीं। 5kW का प्लांट लगभग ₹2,60,000 का आता है, लेकिन केंद्र की सब्सिडी अधिकतम ₹78,000 पर ही फिक्स (Cap) कर दी गई है। इसलिए 5kW में आपकी जेब से ज्यादा पैसा लगता है। 5kW का Payback Period (पैसा वसूल होने का समय) 3 से 3.5 साल के करीब आता है।

Q3. सोलर पैनल की 25 साल की लाइफ में मेंटेनेंस (Maintenance) का खर्च कितना आता है?
ऑन-ग्रिड सिस्टम (On-Grid System) में कोई महंगी बैटरी नहीं होती, इसलिए मेंटेनेंस का खर्च लगभग शून्य (Zero) है। आपको बस हर 15 दिन में पानी के पाइप से पैनल की धूल साफ करनी होती है ताकि वह 100% बिजली बनाता रहे।

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