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Carbon Credits & Energy Trading 📅 February 11, 2026

I-REC Registration Process : Fees, Documents & ICX Guide

I-REC Registration Process: अपनी रिन्यूएबल एनर्जी का सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं? (Full Guide)
I-REC Registration Process India Guide

I-REC Registration Process: अपनी रिन्यूएबल एनर्जी का सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं? (Full Guide)

क्या आपके पास सोलर, विंड या हाइड्रो पावर प्लांट है? अगर हाँ, तो आप सिर्फ बिजली बेचकर ही नहीं, बल्कि उसके "ग्रीन एट्रिब्यूट" (Green Attribute) को बेचकर भी अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। इसे I-REC (International Renewable Energy Certificate) कहते हैं।

Google, Apple और Tata जैसी बड़ी कंपनियां अपनी 'Net Zero' कमिटमेंट को पूरा करने के लिए ये सर्टिफिकेट्स खरीदती हैं। भारत में अब ICX (International Carbon Exchange) के जरिए यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। इस पोस्ट में हम आपको रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे।

1. I-REC क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?

1 I-REC = 1 MWh (1000 यूनिट) ग्रीन बिजली।

जब आप 1 मेगावाट-घंटा रिन्यूएबल एनर्जी बनाते हैं, तो आपको एक इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट मिलता है। यह इस बात का सबूत है कि आपने पर्यावरण को प्रदूषित किए बिना बिजली बनाई है। इसे आप ग्लोबल मार्केट में डॉलर ($) या यूरो (€) में बेच सकते हैं। यह भारत सरकार के REC (जो केवल भारत में बिकता है) से अलग है क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय है।

2. पात्रता (Eligibility Check)

रजिस्ट्रेशन से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप पात्र हैं या नहीं:

  • स्रोत: आपका प्लांट सोलर, विंड, हाइड्रो या बायोमास का होना चाहिए।
  • Double Counting नहीं: अगर आपने भारत सरकार के REC मैकेनिज्म में रजिस्ट्रेशन कराया है या आपकी PPA (Power Purchase Agreement) में 'ग्रीन एट्रिब्यूट' खरीदार को ट्रांसफर हो रहे हैं, तो आप I-REC नहीं ले सकते।
  • कनेक्टिविटी: प्लांट ग्रिड से जुड़ा होना चाहिए या कैप्टिव (Captive) होना चाहिए जहाँ उत्पादन का सही रिकॉर्ड (Meter Data) हो।

3. भारत में I-REC कौन जारी करता है? (Local Issuer)

पहले भारत में 'Green Certificate Company (GCC)' इश्यूअर थी, लेकिन अब यह जिम्मेदारी ICX (International Carbon Exchange Pvt Ltd) के पास है।

  • ICX: यह IEX (Indian Energy Exchange) की सब्सिडियरी कंपनी है।
  • भूमिका: ये आपके प्रोजेक्ट को वेरीफाई करते हैं और Evident Registry (ग्लोबल रजिस्ट्री) पर आपके सर्टिफिकेट जारी करते हैं।

4. ज़रूरी दस्तावेज़ (Documents Required)

रजिस्ट्रेशन के लिए आपको इन कागजातों की स्कैन कॉपी तैयार रखनी होगी:

  1. Commissioning Certificate: बिजली विभाग या नोडल एजेंसी द्वारा जारी।
  2. Single Line Diagram (SLD): प्लांट का तकनीकी नक्शा।
  3. Metering Details: मीटर का मेक, नंबर और सटीकता रिपोर्ट।
  4. Ownership Proof: कंपनी के रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स या जमीन के कागज।
  5. Power Purchase Agreement (PPA): यह साबित करने के लिए कि आपने 'Environmental Attributes' किसी और को नहीं बेचे हैं।

5. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (Step-by-Step)

यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसे ध्यान से फॉलो करें:

Step 1: Evident Registry पर खाता बनाना

आपको सबसे पहले Evident (पूर्व में I-REC Registry) पर अपना अकाउंट बनाना होगा। यहाँ आप 'Registrant' (पंजीयक) के रूप में साइन अप करेंगे।

Step 2: प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन (Device Registration)

लॉगिन करने के बाद, आपको अपना पावर प्लांट (Device) रजिस्टर करना होगा।
👉 ICX (India) को अपना 'Issuer' चुनें।
👉 ऊपर बताए गए सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
👉 ICX आपकी जानकारी की जांच करेगा। इसमें 2-4 सप्ताह लग सकते हैं।

Step 3: उत्पादन डेटा जमा करना (Issue Request)

प्रोजेक्ट अप्रूव होने के बाद, आप अपनी बिजली उत्पादन की रिपोर्ट (JMR - Joint Meter Reading) सबमिट करेंगे।

Step 4: वेरीफिकेशन और जारी करना (Issuance)

ICX आपके डेटा को वेरीफाई करेगा और फीस जमा होने के बाद आपके खाते में I-REC क्रेडिट कर दिए जाएंगे। अब आप इन्हें किसी भी खरीदार (Trader/Buyer) को ट्रांसफर कर सकते हैं।

6. रजिस्ट्रेशन और जारी करने की फीस (Fee Structure 2026)

ICX द्वारा निर्धारित फीस (अनुमानित) इस प्रकार है:

मद (Item)शुल्क (INR)
One-time Registration Fee₹10,000 - ₹1,00,000 (क्षमता अनुसार)
Issuance Fee₹2.60 प्रति MWh (प्रति सर्टिफिकेट)
Annual Feeकुछ मामलों में लागू हो सकती है।

(नोट: >3MW प्लांट के लिए रजिस्ट्रेशन फीस लगभग ₹1 लाख है, जबकि छोटे प्लांट (<1MW) के लिए यह ₹10,000 के आसपास है।)

प्रो टिप: I-REC की कीमत बाजार पर निर्भर करती है। अभी भारत में सोलर I-REC का भाव ₹50 से ₹150 प्रति सर्टिफिकेट तक चल रहा है।

7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या मैं REC और I-REC दोनों के लिए अप्लाई कर सकता हूँ?
नहीं, एक ही बिजली (MWh) के लिए आप दो फायदे नहीं ले सकते। आपको चुनना होगा कि REC बेहतर है या I-REC।

Q2. I-REC की वैलिडिटी कितनी होती है?
एक बार जारी होने के बाद, I-REC तब तक वैलिड रहता है जब तक कि उसे 'Redeem' (उपयोग) या कैंसिल न कर दिया जाए।

Q3. क्या मैं खुद बाज़ार में I-REC बेच सकता हूँ?
हाँ, लेकिन ज्यादातर लोग 'Traders' या 'Brokers' (जैसे EKI Energy, Enact Systems) की मदद लेते हैं क्योंकि उनके पास सीधे विदेशी खरीदार होते हैं।

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