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Solar Income for Farmers 2026: PM KUSUM Yojana & Per Acre Profit Guide

Solar Income for Farmers: किसान अपने खेत में सोलर लगाकर 'सौर ऊर्जा किसान' कैसे बनें? (Full Guide)
Solar Farming Business Plan India 2026

Solar Income for Farmers: किसान अपने खेत में सोलर लगाकर 'सौर ऊर्जा किसान' कैसे बनें? (Full Guide)

क्या आपके पास बंजर या खाली जमीन है जिससे कोई कमाई नहीं हो रही? अब आप उस जमीन पर 'बिजली की खेती' कर सकते हैं। जी हाँ, भारत सरकार की PM KUSUM योजना 2026 के तहत किसान अपने खेत में सोलर पैनल लगाकर लाखों रुपये कमा सकते हैं।

खेती में मौसम की मार और अनिश्चितता बनी रहती है, लेकिन सोलर पावर से होने वाली कमाई 25 साल तक फिक्स (Fixed Income) रहती है। इस पोस्ट में हम जानेंगे कि आप 'अन्नदाता' से 'ऊर्जादाता' कैसे बन सकते हैं।

1. पीएम कुसुम योजना (PM KUSUM Yojana 2026)

सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan (KUSUM) शुरू किया है। इसके तीन मुख्य हिस्से हैं, लेकिन कमाई के लिए 'Component A' सबसे ज़रूरी है।

  • Component A: किसान अपनी बंजर जमीन पर 500 KW से 2 MW तक का सोलर प्लांट लगा सकते हैं और बिजली सरकार (DISCOM) को बेच सकते हैं।
  • Component B: डीजल पंप की जगह सोलर पंप लगवाना (सिर्फ सिंचाई के लिए)।
  • Component C: ग्रिड से जुड़े पंपों को सोलराइज करना और बची हुई बिजली बेचना।

2. कमाई के दो तरीके (Business Models)

सोलर फार्मिंग से पैसे कमाने के दो मुख्य मॉडल हैं। आप अपनी क्षमता के अनुसार चुन सकते हैं:

मॉडल 1: खुद का निवेश (Self Investment)

इसमें किसान खुद बैंक लोन लेकर प्लांट लगाता है।
फायदा: बिजली बेचने से होने वाला पूरा मुनाफा (Profit) किसान का होता है।
रिस्क: देखरेख और लोन की जिम्मेदारी किसान की होती है।

मॉडल 2: जमीन लीज पर देना (Land Lease Model)

अगर किसान के पास पैसा नहीं है, तो वह अपनी जमीन किसी डेवलपर (Developer) को किराये पर दे सकता है।
फायदा: बिना एक भी रुपया लगाए साल का फिक्स किराया मिलता है।
किराया: ₹20,000 से ₹40,000 प्रति एकड़ सालाना (जगह के अनुसार)।

3. प्रति एकड़ कितनी कमाई होगी? (Income Calculation)

आइए एक अनुमानित हिसाब लगाते हैं अगर आप 1 मेगावाट (1 MW) का प्लांट लगाते हैं। 1 MW के लिए लगभग 4-5 एकड़ जमीन चाहिए।

1 MW सोलर प्लांट का गणित:

  • कुल लागत (Cost): ₹4 करोड़ (लगभग)
  • सालाना बिजली उत्पादन: 14-15 लाख यूनिट
  • सरकार का रेट (PPA Tariff): ₹3.14 प्रति यूनिट (औसत)
  • सालाना कमाई (Gross): ₹45 लाख - ₹50 लाख
  • लोन और मेंटेनेंस हटाने के बाद: ₹10 लाख - ₹15 लाख (शुद्ध मुनाफा)

(नोट: यह आंकड़े राज्य और धूप की तीव्रता के अनुसार बदल सकते हैं।)

4. पात्रता और ज़रूरी दस्तावेज़ (Eligibility)

कौन बन सकता है सोलर किसान?

  • आवेदक भारत का नागरिक और किसान होना चाहिए।
  • जमीन सब-स्टेशन (33/11 KV) से 5 किलोमीटर के दायरे में होनी चाहिए।
  • जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी) साफ़ होने चाहिए।

दस्तावेज़: आधार कार्ड, जमीन की फर्द, बैंक पासबुक, और पासपोर्ट फोटो।

5. बैंक लोन और सब्सिडी (Loan & Subsidy)

सोलर प्लांट लगाने के लिए भारी निवेश की ज़रूरत होती है, लेकिन सरकार इसमें मदद करती है।

  • Subsidy: PM KUSUM योजना के तहत बेंचमार्क लागत पर 30% से 60% तक सब्सिडी मिलती है (मुख्य रूप से पंप के लिए, लेकिन ग्रिड प्लांट के लिए PPA की गारंटी मिलती है)।
  • Bank Loan: सरकारी बैंक (SBI, PNB) और NABARD किसानों को आसान शर्तों पर लोन देते हैं। आप प्रोजेक्ट की लागत का 70-80% तक लोन ले सकते हैं।
  • Collateral: आपकी जमीन और पीपीए (PPA) एग्रीमेंट ही लोन की गारंटी बन जाते हैं।

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या खेती वाली जमीन पर सोलर लगा सकते हैं?
हाँ, सरकार अब 'Agro-Voltaics' को बढ़ावा दे रही है, जिसमें पैनल ऊंचाई पर लगते हैं और नीचे खेती भी होती है।

Q2. बिजली कौन खरीदेगा?
राज्य की बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) आपके साथ 25 साल का PPA (Power Purchase Agreement) साइन करेगी और बिजली खरीदेगी।

Q3. आवेदन कहाँ करें?
आपको अपने राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (जैसे UPNEDA, MEDA) की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

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