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Uncategorized 📅 September 28, 2025

Solar Inverter vs. Normal Inverter: A Homeowner’s Guide (2025)

Solar Inverter vs. Normal Inverter: A Homeowner's Guide (2025)

सोलर इन्वर्टर vs. नॉर्मल इन्वर्टर: सही चुनाव के लिए एक गाइड

आपके घर में पहले से ही इन्वर्टर और बैटरी लगी है। अब आप सोलर पैनल जोड़कर बिल कम करना चाहते हैं। सबसे बड़ा सवाल है: क्या पुराना नॉर्मल इन्वर्टर सोलर पैनल के साथ काम करेगा, या नया सोलर इन्वर्टर लेना बेहतर है?

Normal Inverter (नॉर्मल इन्वर्टर) कैसे काम करता है?

  • मुख्य कार्य: बिजली कटौती के दौरान बैकअप देना।
  • कैसे काम करता है: बैटरी की DC पावर को AC में बदलकर उपकरण चलाता है।
  • चार्जिंग: ग्रिड से बैटरी चार्ज करता है।
  • मुख्य बात: सिर्फ ग्रिड और बैटरी के बीच काम करता है, सोलर पैनल नहीं पहचानता।

Solar Inverter (सोलर इन्वर्टर) कैसे काम करता है?

सोलर इन्वर्टर स्मार्ट है और तीन स्रोतों से बिजली मैनेज करता है: सोलर पैनल, बैटरी, ग्रिड। प्राथमिकता:

  1. सौर ऊर्जा से सीधे उपकरण चलाना।
  2. अतिरिक्त ऊर्जा से बैटरी चार्ज करना।
  3. बैटरी 100% चार्ज होने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड को भेजना।

रात में यह बैटरी का उपयोग करता है, और अंतिम विकल्प के रूप में ग्रिड का।

मुख्य अंतर: Solar Charge Controller

सोलर चार्ज कंट्रोलर सोलर पैनल की अस्थिर बिजली को बैटरी में सुरक्षित रूप से भेजता है। नॉर्मल इन्वर्टर में यह नहीं होता। सोलर इन्वर्टर में यह इन-बिल्ट होता है।

तुलना: Solar Inverter vs. Normal Inverter

फ़ीचरNormal InverterSolar Inverter
मुख्य कार्यसिर्फ पावर बैकअपस्मार्ट पावर मैनेजमेंट
ऊर्जा स्रोतग्रिड और बैटरीसोलर, बैटरी और ग्रिड
सोलर पैनल कम्पैटिबल?नहींहाँ
सोलर चार्ज कंट्रोलरनहींहाँ (इन-बिल्ट)
प्राथमिकता सेटिंगग्रिड > बैटरीसोलर > लोड > बैटरी > ग्रिड
बिजली बिल में बचत?नहींहाँ (बहुत ज़्यादा)
लागतसस्ता30-50% महंगा

क्या पुराना इन्वर्टर सोलर पैनल के साथ काम करेगा?

संक्षेप में: नहीं। बाजार में बाहरी सोलर चार्ज कंट्रोलर जोड़ना संभव है लेकिन यह अकुशल है, कोई बिल बचत नहीं करता और वॉरंटी खत्म कर देता है।

फैसला: 2025 में कौन सा इन्वर्टर लें?

  • सिर्फ पावर कट बैकअप चाहिए: नॉर्मल इन्वर्टर पर्याप्त।
  • अभी या भविष्य में सोलर पैनल लगाना है: सोलर इन्वर्टर ही समझदारी भरा विकल्प।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. सोलर और नॉर्मल इन्वर्टर की कीमत में कितना अंतर होता है?

समान VA रेटिंग का सोलर इन्वर्टर 30-50% महंगा होता है। उदाहरण: 1 kVA नॉर्मल ₹5,000; MPPT सोलर ₹7,000-8,000।

2. पुरानी बैटरी को नए सोलर इन्वर्टर के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं?

हाँ, यदि वोल्टेज मेल खाता है और बैटरी अच्छी स्थिति में है।

3. सोलर इन्वर्टर में MPPT और PWM क्या है?

PWM पुरानी और सस्ती तकनीक; MPPT नई, स्मार्ट और 30% तक कुशल। बजट हो तो MPPT चुनें।

4. बिना बैटरी वाले ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम में सोलर इन्वर्टर चाहिए?

हाँ, ग्रिड-टाई इन्वर्टर चाहिए। इसमें बैटरी चार्ज करने की क्षमता नहीं होती।

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