UPPCL News & Bill Updates 📅 February 15, 2026

UP Bijli Bill Maafi List 2026: UPPCL OTS Surcharge Waiver

UP Bijli Bill Maafi List 2026: नई लिस्ट जारी! चेक करें आपका नाम है या नहीं?
UP Bijli Bill Maafi List 2026 UPPCL OTS Scheme Surcharge Waiver India

UP Bijli Bill Maafi List 2026: नई लिस्ट जारी! चेक करें आपका नाम है या नहीं?

क्या आपके पास भी व्हाट्सएप या यूट्यूब पर ऐसा कोई मैसेज आया है कि "उत्तर प्रदेश में सबका बिजली बिल 100% माफ़ हो गया है"? अगर आपका बिजली बिल पिछले कई सालों से पेंडिंग (Pending) है और वह 50,000 रुपये या 1 लाख रुपये के पार पहुँच गया है, तो आप भी इस 'माफ़ी' (Waiver) का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे होंगे। बिल जमा न होने के डर से कई घरों में तो रात में लाइट जलाना भी बंद कर दिया गया है ताकि विजिलेंस (Vigilance) वाले न आ जाएं!

लेकिन सावधान! सोशल मीडिया पर आधी-अधूरी जानकारी फैलाई जा रही है। 2026 में यूपी सरकार (UPPCL) ने जो 'बिल माफ़ी योजना' जारी की है, वह वास्तव में 'एकमुश्त समाधान योजना' (OTS - One Time Settlement Scheme) है। इसमें आपका पूरा बिल ज़ीरो (Zero) नहीं होता, बल्कि बिल के ऊपर लगा हुआ 'ब्याज' (Surcharge / LPSC) 100% माफ़ कर दिया जाता है।

आपकी पसंदीदा वेबसाइट `bijlibabu.in` के इस बिल्कुल सच्चे और इन्वेस्टिगेटिव गाइड में, हम आपको इस 'माफ़ी योजना' का असली सच बताएंगे। हम आपको सिखाएंगे कि आप अपने मोबाइल से कैसे चेक कर सकते हैं कि आपका नाम 2026 की माफ़ी लिस्ट में है या नहीं, और आपके बिल में से कितने हज़ार रुपये माफ़ (Discount) किए गए हैं!

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1. 2026 बिजली बिल माफ़ी योजना (OTS) का असली सच क्या है?

सबसे पहले इस ग़लतफ़हमी (Myth) को दिमाग से निकाल दें कि अगर आपका 50,000 रुपये का बिल है, तो सरकार उसे पूरा माफ़ करके ज़ीरो (0) कर देगी। (घरेलू कनेक्शन के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है)।

असली गणित (The OTS Math): जब आप सालों तक बिल जमा नहीं करते, तो UPPCL हर महीने उस पर भारी 'Late Payment Surcharge' (LPSC / ब्याज) लगाता है। अगर आपका कुल बिल ₹50,000 है, तो उसमें से लगभग ₹30,000 आपका 'मूल बिल' (Principal - जो आपने असली बिजली जलाई है) होता है, और ₹20,000 उस पर लगा हुआ 'ब्याज' (Surcharge) होता है।

सरकार की 2026 OTS (एकमुश्त समाधान योजना) के तहत इस ₹20,000 के 'ब्याज' को पूरी तरह (100%) माफ़ कर दिया जाता है। आपको सिर्फ असली बिजली के ₹30,000 ही जमा करने होते हैं, वह भी किश्तों (Installments) में!

2. किन लोगों का नाम 'माफ़ी लिस्ट' (Maafi List) में शामिल है?

क्या हर किसी को 100% ब्याज की छूट मिलेगी? नहीं। यह छूट कुछ शर्तों पर निर्भर करती है। आपका नाम लिस्ट में तभी होगा अगर:

  • आप LMV-1 (घरेलू) या LMV-2 (कमर्शियल/दुकान) के उपभोक्ता हैं जिनका लोड 1 kW से 5 kW तक है। (बड़े उद्योगों को यह छूट नहीं मिलती)।
  • आपका चोरी का कोई केस (Section 135) कोर्ट में पेंडिंग न हो। अगर विजिलेंस ने चोरी पकड़ी है और 'असेसमेंट' (Assessment) बिल बना है, तो उसमें सिर्फ कुछ प्रतिशत की ही छूट मिलेगी।
  • पहले आओ, पहले पाओ: जो लोग योजना शुरू होने के पहले 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन (Registration) कर लेते हैं, उन्हें 100% ब्याज माफ़ी मिलती है। जो लोग आखिरी दिनों में आते हैं, उन्हें सिर्फ 70% या 80% छूट मिलती है।
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3. ऑनलाइन लिस्ट में अपना नाम और 'छूट' (Discount) कैसे चेक करें?

किसी दलाल या CSC सेंटर (CSC Center) वाले को 500 रुपये देने की ज़रूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से खुद चेक कर सकते हैं कि सरकार ने आपके कितने पैसे माफ़ किए हैं:

  1. UPPCL पोर्टल खोलें: गूगल पर uppclonline.com या upenergy.in सर्च करें।
  2. OTS लिंक पर क्लिक करें: होमपेज पर लाल अक्षरों में चमकता हुआ "OTS (एकमुश्त समाधान योजना) Registration" का लिंक होगा, उस पर क्लिक करें।
  3. नया अकाउंट नंबर डालें: अपना ज़िला (District) चुनें और अपना 10-अंकों का नया अकाउंट नंबर डालें। (ध्यान दें: 2026 में ग्रामीण इलाकों का 12-अंकों का नंबर अब 10-अंकों का हो गया है)।
  4. कैप्चा भरें: स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा (Captcha) कोड डालें और 'Check Eligibility' पर क्लिक करें।
स्क्रीन पर क्या दिखेगा? (Your Result):
जैसे ही आप सबमिट करेंगे, स्क्रीन पर एक टेबल खुलेगी। इसमें आपका नाम लिखा होगा। वहां 3 चीज़ें साफ़-साफ़ लिखी होंगी:
1. Total Dues (कुल बकाया): जैसे ₹50,000
2. Surcharge Waiver (माफ़ हुआ ब्याज): जैसे ₹20,000
3. Payable Amount (जमा करने वाली राशि): जैसे ₹30,000
अगर आपको यह छूट (Waiver) दिख रही है, तो बधाई हो, आपका नाम माफ़ी लिस्ट में है!

4. OTS Registration: 100% ब्याज माफ़ कराने का ऑनलाइन प्रोसेस

सिर्फ लिस्ट में नाम देखने से काम नहीं चलेगा। इस छूट को 'लॉक' (Lock) करने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा।

उसी स्क्रीन पर नीचे आपको दो विकल्प (Options) मिलेंगे:

  • Option 1: एकमुश्त (Lump Sum) जमा: अगर आप पूरे ₹30,000 एक साथ जमा करते हैं, तो आपको ब्याज पर 100% की छूट मिलेगी।
  • Option 2: किश्तें (Installments): अगर आपके पास एक साथ पैसे नहीं हैं, तो आप 3 से 6 किश्तों (Installments) का विकल्प चुन सकते हैं। (इसमें ब्याज की छूट 100% की जगह 90% हो सकती है)।

रजिस्ट्रेशन अमाउंट (Registration Amount): अपना विकल्प चुनने के बाद, आपको बचे हुए मूल बिल (Principal) का 30% हिस्सा तुरंत ऑनलाइन (UPI या डेबिट कार्ड से) जमा करना होगा। (जैसे ₹30,000 का 30% = ₹9,000)। जैसे ही आप यह ₹9,000 जमा करेंगे, आपका बकाया ब्याज हमेशा के लिए माफ़ हो जाएगा और विभाग आपके खिलाफ कोई RC (Recovery Certificate) या कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा!

किसानों के लिए खुशखबरी: 100% मूल बिल माफ़ी (PTW LMV-5)
अगर आप एक किसान हैं और आपके खेत पर निजी नलकूप (Private Tube Well - LMV-5) लगा है, तो आपके लिए नियम बिल्कुल अलग हैं! यूपी सरकार ने 2026 में किसानों के लिए ट्यूबवेल का 100% बिल (मूल बिजली + ब्याज दोनों) पूरी तरह माफ़ कर दिया है! इसके लिए आपको कोई OTS रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी है, बस अपने मीटर को 'स्मार्ट मीटर' (Smart Meter) से बदलवाना है।

6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या OTS स्कीम (बिल माफ़ी) साल भर चलती है?
नहीं! UPPCL यह योजना साल में सिर्फ एक या दो बार (आमतौर पर नवम्बर-दिसम्बर या मार्च-अप्रैल में) सिर्फ 30 से 45 दिनों के लिए लाता है। अगर आपने इस तारीख के अंदर रजिस्ट्रेशन (30% जमा) नहीं किया, तो आपका माफ़ हुआ ब्याज दोबारा आपके बिल में जुड़ जाएगा।

Q2. मेरे ऊपर विजिलेंस (Vigilance) की FIR दर्ज है, क्या मुझे भी छूट मिलेगी?
हाँ। जिन लोगों के ऊपर सेक्शन 135 (बिजली चोरी) की FIR दर्ज़ है और उनका भारी-भरकम असेसमेंट (Assessment Bill) बना है, OTS योजना में उन्हें भी असेसमेंट की राशि पर 10% से 35% तक की छूट (Rebate) और किश्तों में पैसा देने की सुविधा दी जाती है। इससे आप जेल जाने से बच सकते हैं।

Q3. मैंने CSC सेंटर पर 30% पैसा जमा कर दिया था, लेकिन अगले महीने के बिल में फिर से पुराना बकाया (Dues) आ गया! क्या करूँ?
यह एक बहुत आम समस्या है। जब आप किश्त (Installment) वाला विकल्प चुनते हैं, तो आपको हर महीने अपने करंट बिल (Current Bill) के साथ एक OTS की किश्त भी जमा करनी होती है। अगर आप लगातार 2 महीने तक करंट बिल या किश्त जमा नहीं करते हैं, तो आपका OTS रजिस्ट्रेशन रद्द (Cancel) हो जाता है और माफ़ किया हुआ सारा ब्याज 'पेनल्टी' के साथ दोबारा आपके बिल में जुड़ जाता है!

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